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जेटली की पोटली से आमजन की खुशी गायब

Tue, 01 Mar 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
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सोमवार को देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली ने मोदी सरकार का दूसरा आम बजट पेश किया। सबकी अपनी उम्मीदें, अपनी मांगें थीं। सोमवार को आम बजट पेश होने के बाद यह बजट विपक्षी नेताओं के निशाने पर तो आया ही है, लेकिन आम जनता में भी इस बजट को बहुत ज्यादा प्रशंसा नहीं मिली है। सबसे ज्यादा दिक्कत लोगों को आयकर छूट सीमा ना बढ़ने से हुई है। साथ ही सर्विस टैक्स बढ़ाने से महंगाई भी बढ़ेगी। अमर उजाला ने आम बजट के बारे में सब वर्गों से बात कर उनके विचार जानने की कोशिश की।
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नौकरीपेशा...
आयकर छूट ना बढ़ने से निराश
आयकर छूट सीमा बढ़ने की उम्मीद थी। वित्तमंत्री कम से कम ढाई से बढ़ाकर तीन लाख तक की आय टैक्स मुक्त कर देते तो भी काफी राहत मिल जाती। लेकिन शुरुआती नौकरीपेशा को कोई राहत नहीं मिली। 5 लाख की आय वाले व्यक्ति को 3000 रुपये की राहत दी गई है, जबकि उससे कम कमाने वाले को कोई राहत नहीं।’
गोल्डी ग्रोवर, फतेहाबाद

सरकार अगर बजट में आयकर छूट सीमा बढ़ा देती तो काफी राहत मिल जाती। इसके अलावा सरकार को लग्जरी गाड्यिों पर टैक्स लगाती तो अमीरों पर बोझ पड़ता, लेकिन सभी छोटी-बड़ी गाड़ियां महंगी होने से मध्यम वर्ग के लिए गाड़ियां खरीदना मुश्किल हो जाएगा।’
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राजीव मनचंदा, फतेहाबाद

छोटे दुकानदार
उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा बजट
सरकार ने दुकानदारों के लिए कोई बेहतर सुविधा शुरू नहीं की। ना ही छोटे दुकानदारों के लिए कोई नई योजना का एलान किया। उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा बजट।
दीपू टुटेजा, फतेहाबाद

छोटे दुकानदार अपनी रोजमर्रा की मेहनत से पैसा कमाते हैं। सर्विस टैक्स और अन्य टैक्स भी सरकार को देते हैं। बावजूद इसके ना तो सरकार ने बजट में कोई राहत दी और ना ही कोई एलान किया। निराशाजनक बजट रहा।’
अरुण कुमार, फतेहाबाद

आम दुकानदार को सरकार ने कोई राहत नहीं दी है। अब तो बिजनेस करना ऐसा हो गया है कि खुद के लिए कुछ बचे या ना बचे, लेकिन सरकार का पेट जरूर भरना होगा। भले सरकार आम दुकानदार के लिए कुछ सोचे या ना सोचे। सुरक्षा तक की कोई गारंटी नहीं दी जाती।’
विनोद अरोड़ा, फतेहाबाद

सरकार से उम्मीदें बहुत थी लेकिन कोई उम्मीद पूरी नहीं हुई। आम व्यवसायियों के लिए कोई घोषणा नहीं। सब कुछ बैंकों के रहमोकर्म पर छोड़ दिया गया है।
राकेश सरदाना, फतेहाबाद

इंडस्ट्री के लिए भी नहीं दिखा कुछ खास
प्रदेश सरकार भले ही उद्यमियों के लिए खास ध्यान रखने का दंभ भरती हो, लेकिन केंद्र सरकार के बजट से उद्यमी वर्ग भी निराश दिखा। जाट आंदोलन के चलते सुरक्षा और सुविधाएं उनके प्रमुख मुद्दे थे जिस पर सरकार से उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिखा।

आम फैक्ट्री मालिक सरकार से टैक्स में रियायत की इतनी मांग नहीं करता, जितनी वो सुविधाओं की मांग करता है। यही चीज सरकार समझती नहीं है। ऐसा अगर हो जाए तो उद्योगपति भी फलेगा और अपनी कमाई का जायज हिस्सा खुशी-खुशी सरकार को दे देगा।
मोहित कपूर, लिफाफा उद्यमी, फतेहाबाद ।

सरकार ने उद्योगपतियों पर कई प्रकार के नए टैक्स तो लगा दिए, लेकिन सुविधाओं के नाम पर सरकार कन्नी काट गई। उद्योगपतियों को सुरक्षा का भरोसा तक नहीं दिया गया। रोहतक में जो हुआ, उसके बाद तो ये उम्मीद थी कि सरकार व्यापारियों को सुरक्षा और सुविधाओं से जरूर लबरेज करेगी लेकिन हुआ इससे उलट।
मदन गोपाल सरदाना, खाद्य पदार्थ उद्यमी, फतेहाबाद

दुकानदारों के लिए भी सरकार को कोई बेहतर कदम उठाने चाहिए थी। अच्छे दिन का इंतजार करते करते दो आम बजट निकल गए, ना पिछली बार कुछ मिला और ना इस बार। पहले सफाई सेस के नाम पर टैक्स लगा दिया और अब कृषि सेवा सेस। सरकार को समझना चाहिए कि मंदी के दौर में दुकानदारों को सरकार के साथ की जरूरत है ना की उसके चाबुक की।
चंपक मदान, फुटवियर उद्यमी, फतेहाबाद

गृहिणियों को भी नहीं कर पाया प्रभावित
घर की गृहमंत्री अर्थात गृहिणियों को भी बजट ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाया है। उनके लिए बजट का असली मजा तब आता, जब महंगाई कम होने का चांस होता, लेकिन हुआ इससे बिल्कुल उलट।

सयुंक्त परिवारों में अधिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। लेकिन सरकार ने बजट में सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने बारे कोई एलान नहीं किया। इसके अलावा दिनोंदिन बढ़ती महंगाई से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। इस बारे में भी कोई राहत नहीं दी।
अंजु तनेजा, गृहिणि, फतेहाबाद

सरकार को चाहिए था कि मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए महंगाई से निपटने का कोई रास्ता देते, लेकिन सरकार ने महंगाई से निपटने का कोई तरीका नहीं बताया और लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया।
कुसुम, गृहिणि, फतेहाबाद


सत्ता पक्ष ने सराहा तो विपक्षियों ने घेरा
सरकार ने संतुलित बजट पेश किया है। ये विकास के रास्ते पर देश को और रफ्तार देगा। कुछ टैक्स लगे हैं तो वो देश के विकास के लिए ही हमारा योगदान है।
वेद फुलां, भाजपा जिलाध्यक्ष, फतेहाबाद

बजट पूरी तरह विकास विरोधी है। बजट से उम्मीद थी कि सरकार कुछ राहत देगी। लेकिन सरकार ने बजट में भी आम आदमी का ध्यान नहीं रखा। हरेक वस्तुएं महंगी कर दी हैं। ये सरकार और बजट जनविरोधी है।
बलवान सिंह, इनेलो विधायक, फतेहाबाद

सरकार ने अपने बजट से हर वर्ग को निराश किया है। ऐसा भी तबका ऐसा नहीं है, जिसे इस बजट से कोई राहत मिली हो। ये सरकार पूंजीपतियों की सरकार है, इसे आम आदमी के हितों से कोई सरोकार नहीं है।
दुड़ाराम, पूर्व विधायक, फतेहाबाद

सरकार द्वारा पेश किया गया बजट जनविरोधी है। इसमें गरीब वर्ग के लोगों के लिए कोई सोच नहीं दिखती। सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी से महंगाई अपने आप बढ़ जाएगी। पेट्रोल-डीजल के जरिए अरबों रुपये का मुनाफा कमाने वाली सरकार ने अपने बजट में आम जनता को कुछ नहीं दिया। प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता
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