तीन कृषि कानूनों के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए शुक्रवार को गांव ढिंगसरा से शुरू हुई सांसद सुनीता दुग्गल की ट्रैक्टर यात्रा का गांव भोड़िया खेड़ा में सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस के पास किसानों ने विरोध किया और काले झंडे दिखाए।
किसानों ने ट्रैक्टर के आगे लेटकर यात्रा रोकने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें खदेड़ दिया। यह ट्रैक्टर यात्रा गांव ढिंगसरा से शुरू हुई थी और भोड़िया खेड़ा के रेस्ट हाउस तक ही पहुंची। भोड़िया खेड़ा में दुग्गल के विरोध के बाद फतेहाबाद अनाज मंडी के बाहर एकत्रित हुए किसान व आढ़ती बाईपास पर पहुंच गए। सूचना पाते ही सांसद भोड़िया खेड़ा से सीधे बाईपास होते हुए सिरसा के लिए रवाना हो गईं। यानी दुग्गल की ट्रैक्टर यात्रा मात्र सात किलोमीटर तक ही चली। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
कृषि कानूनों के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए सांसद दुग्गल के नेतृत्व में भट्टू से फतेहाबाद ट्रैक्टर यात्रा निकाली जानी थी। भट्टू व फतेहाबाद में यात्रा के विरोध की सूचनाएं आने के बाद सांसद शुक्रवार सुबह भट्टू से पहले गांव ढिंगसरा में ही रुक गईं। जहां से ट्रैक्टर पर सवार होकर दुग्गल सात किलोमीटर दूर गांव भोड़िया खेड़ा के बाहर सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस तक ही पहुंची थीं। उनके साथ करीब 8-9 ट्रैक्टर का काफिला था। गांव भोड़िया में सांसद ने प्रेसवार्ता करनी थी। सांसद दुग्गल जैसे ही रेस्ट हाउस पहुुंचीं तो ग्रामीण वहां रेस्ट हाउस के बाहर पहुंच गए और नारेबाजी की। यहां किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और ट्रैक्टर के आगे लेटने का प्रयास किया। जैसे-तैसे पुलिसकर्मियों ने किसानों को हटाकर साइड में किया। इस बीच सांसद को जैसे ही सूचना मिली कि यहां से दो किलोमीटर दूर फतेहाबाद की अनाज मंडी के बाहर काफी संख्या में आढ़ती व किसान भोड़िया खेड़ा की ओर आ रहे हैं तो सांसद पत्रकारों से बातचीत न कर बीच में ही नहर किनारे बाईपास से जुड़ी सड़क से होते हुए सिरसा के लिए रवाना हो गईं। अनाज मंडी व आसपास के क्षेत्रों से यहां आए किसान बाईपास पर एकत्रित होकर सांसद व सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। किसानों ने कानून को विरोधी बताते हुए वापस लेने की मांग की। बाईपास पर प्रदर्शनकारियों को व्यापारी नेता गुरदीप सिंह ने कहा कि वह हर सूरत में इन कानूनों का विरोध करेंगे। जब तक सरकार कानून वापस नहीं लेती आंदोलन जारी रहेगा। किसान संघर्ष समिति के प्रधान मनदीप नथवान ने कहा कि आज प्रदर्शन में आने के लिए रतिया, जाखल व टोहाना में अनेक किसानों को रोक लिया गया है। सरकार दमनकारी नीति अपना रही है।
सांसद से नहीं चला मैसी, बाद में फोर्ड ट्रैक्टर चलाया
गांव ढिंगसरा में सांसद दुग्गल ने जब ट्रैक्टर स्वयं चलाने की बात कही तो कार्यकर्ता उनके लिए मैसी ट्रैक्टर ले आए, लेकिन गियर आदि समझ न आने पर उनके लिए बाद में फोर्ड ट्रैक्टर मंगवाना पड़ा। यह ट्रैक्टर दुग्गल ने स्वयं चलाया।
तीनों विधायकों में कोई नहीं था साथ
ट्रैैक्टर यात्रा में सांसद के साथ रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा व फतेहाबाद विधायक दुड़ाराम के आने के लिए प्रचारित किया था, लेकिन शुक्रवार को उनकी यात्रा में तीनों विधायकों में कोई नहीं था। मात्र कुछ कार्यकर्ता ही उनके साथ यात्रा में शामिल थे।
विपक्ष किसानों को बरगला रहा : दुग्गल
रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के पक्ष में हैं और सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए ही यह कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष किसानों को एमएसपी और मंडियां बंद हो जाने के नाम पर बरगला रहा था लेकिन सरकार ने किसानों की फसलों की एमएसपी भी जारी की और मंडियां भी चल रही हैं। अब विपक्ष परेशान है कि जो मुद्दे उसने उठाए, सरकार ने वह पूरे कर दिए, अब वह आंदोलन किस मुंह को लेकर करें। सांसद सुनीता ने स्पष्ट किया कि खरीद का जो सिस्टम पहले चल रहा था, वैसा आगे चलेगा। इस बात को लेकर किसी भी प्रकार का संशय न रखें। किसानों को फसलों की एमएसपी मिलेगी और बार-बार बढ़ाकर मिलेगी। मंडियां जैसी हैं, वैसे ही रहेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि अगर किसान कहीं भी जाकर अपनी फसल बेचेगा तो उसे अधिक मुनाफा होगा। उदाहरण के तौर पर मेरी कैचअप की फैक्टरी है तो मैं सीधा किसान से उसकी फसल का सौदा करूंगी तो किसान को पूरे रेट मिलेंगे और बिचौलियों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।