भोड़िया खेड़ा खेल मैदान में प्रशिक्षण लेते खिलाड़ी।
फतेहाबाद। फतेहाबाद में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर निपुण बनाने वाली नर्सरियां केवल नाम की रह गई हैं। यहां खिलाड़ी तो आते हैं, लेकिन कोच नदारद रहते हैं। ऐसे में जिला खेल विभाग ने चार नर्सरियों को बंद कर दिया है। इनमें दो तीरंदाजी, एक कुश्ती व एक कबड्डी नर्सरी शामिल हैं। यहां बिना द्रोणाचार्य के खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे थे।
फतेहाबाद में खेल विभाग ने से इस वित्त वर्ष में 22 खेल नर्सरियों को मान्यता दी थी। इनमें से कई नर्सरियां सरकारी स्कूलों, फतेहाबाद के खेल स्टेडियम व निजी स्कूलों में चल रही थीं। जिले में चल रहीं चार नर्सरियों में कोच बार-बार जांच के बाद भी नदारद मिले हैं। इनको नोटिस भी दिया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। रजिस्टर पर अधिकारियों ने जवाब मांगे जाने पर तो एक खेल नर्सरी के मालिक ने रजिस्टर फाड़ कर नया रजिस्टर भी बना दिया था। इसके बाद खेल विभाग ने सख्ती से कार्रवाई करते हुए चार खेल नर्सरियाें की मान्यता रद्द कर दी है। खेल नर्सरियों में सरकार की ओर से अंडर-14 तक के खिलाड़ियों को 1500 रुपये प्रति माह व अंडर-19 तक के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये प्रति माह डाइट दी जाती है। साथ ही एनआईएस क्वालिफाइड कोच को 25000 रुपये व राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी जो कोचिंग दे रहे हैं, उनको 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
ये खेल नर्सरियां हुई बंद
फतेहाबाद में खेल विभाग की ओर से रॉयल पब्लिक स्कूल बहबलपुर व गुरुनानक अकादमी रतिया की तीरंदाजी, सरकारी स्कूल भिरड़ाना की कबड्डी व भूना के श्री हनुमान अखाड़ा की कुश्ती की खेल नर्सरियां बंद की गई हैं। यहां पर खेल नर्सरियों में भारी अनियमितताएं पाई गई थी।
कोट
खेल नर्सरियों की पिछले दिनों जांच की गई थी। यहां पर कोच दिखाई नहीं दिए और बच्चों को भी नहीं पता था कि उनके कोच कौन हैं। बार-बार नोटिस देने के बाद भी नर्सरी संचालकों ने सही जवाब नहीं दिया, इसलिए चार खेल नर्सरियों को बंद कर दिया गया है।
-राजबाला, जिला खेल अधिकारी, फतेहाबाद।