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Fatehabad News: मेले में विभाग के भरोसे नहीं मिली 2,800-3,000 रुपये की साइकिल

Mon, 19 Jan 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के सुंदर नगर में लगाए गए मेले में साइकिल पसंद करते हुए विद्यार्थीसंवाद
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फतेहाबाद। सुंदर नगर स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल ठाकर बस्ती में सोमवार को कक्षा छठी में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने साइकिल मेला आयोजित किया। विभाग की ओर से 20 इंची साइकिल के लिए 2,800 रुपये और 22 इंची साइकिल के लिए 3,000 रुपये की राशि दी जाती है, लेकिन मेले में इस मूल्य सीमा में साइकिल उपलब्ध नहीं थी।
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मेले में केवल दो विक्रेता पहुंचे और उनकी प्रदर्शनी में 3,200 रुपये से 5,000 रुपये कीमत तक की साइकिलें रखी गईं। अधिकतर विद्यार्थियों को गुणवत्ता के चलते 4,500 रुपये या उससे अधिक कीमत की साइकिल पसंद करनी पड़ी, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ा। विभाग ने कक्षा छठी के उन विद्यार्थियों को साइकिल देने का लक्ष्य रखा है, जो दो किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से स्कूल आते हैं और उनके गांव में विद्यालय नहीं है।

जिले के कुल 313 पात्र विद्यार्थियों में से मेले में केवल 134 बच्चे पहुंचे। मेले में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अनीता बाई, बीईओ विजय कुमार, नोडल अधिकारी पूर्ण चंद, शिक्षक सुभाष भांभू, चितरंजन, कृष्ण कुक्कड़, नैनपाल और अन्य शिक्षक मौजूद रहे। विभाग ने कहा कि अभिभावकों की सुविधा और बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यवस्थित किया जाएगा।
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इन खंड के विद्यार्थियों को मिलेगी साइकिलें

खंड 20 इंची 22 इंची बच्चे पहुंचे

भट्टूकलां 1 5 6

जाखल 19 11 27

फतेहाबाद 33 27 60

टोहाना 66 71 5

रतिया 10 17 21

भूना 26 27 15

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साइकिल की राशि बढ़ानी चाहिए

मेरा बेटा सरकारी स्कूल में कक्षा छठी में पढ़ता है। शिक्षा विभाग अगर साइकिल दे ही रहा है तो पूरी राशि देनी चाहिए। अच्छी साइकिल की कीमत पांच हजार से ज्यादा होती है लेकिन विभाग सिर्फ तीन हजार रुपये ही दे रहा है। विभाग को राशि बढ़ानी चाहिए।

-मंगल सिंह, निवासी रजाबाद

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मेरा बेटा गांव बरसीन के स्कूल में पढ़ने के लिए जाता है। मेले में 4500 रुपये कीमत की साइकिल पसंद की गई है। विभाग को राशि बढ़ानी चाहिए। पांच साल पहले भी यही कीमत थी और अब भी यही राशि दी जा रही है।

-प्रियंका, निवासी बिसला

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शिक्षा विभाग की तरफ से योजना के मुताबिक विद्यार्थियों को साइकिल दी जाती है। विद्यार्थी खुद मेले में साइकिल पसंद करते हैं। विभाग की तरफ से तय राशि दी जाती है और बाकी राशि अभिभावक को वहन करनी होती है।
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- अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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