अर्पणा पसरीजा, चेयरपर्सन, भूना नगरपालिका।
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फतेहाबाद। निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीतकर भूना नगरपालिका की चेयरर्पसन बनीं अर्पणा पसरीजा अगले ही दिन वीरवार को भाजपा के पाले में खड़ी हो गई। उन्होंने चंडीगढ़ में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ की मौजूदगी में भाजपा का पटका पहना। धनखड़ ने उन्हें बूके देकर सम्मानित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मुलाकात की। हालांकि, चेयरपर्सन का कहना है कि उन्होंने सरकार को समर्थन दिया है, भाजपा ज्वाइन नहीं की है।
गौरतलब है कि भूना में चेयरमैन पद के लिए आठ दावेदारों में से सात निर्दलीय थे। इन निर्दलीयों में अर्पणा पसरीजा ने सबसे अधिक वोट लेकर बाजी मारी थी। अर्पणा को 7339 वोट मिले थे जबकि दूसरे स्थान पर रहे भजनलाल कंबोज को 3461 वोट ही मिले थे। बता दें कि चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा के पति पंकज पसरीजा गांव डूल्ट स्थित सरकारी स्कूल में शिक्षक है। उनके दो बच्चे हैं। अर्पणा ने पिछली बार भी वार्ड नंबर दो से पार्षद पद का चुनाव लड़ा था। भूपेंद्र कौर के सामने अर्पणा को हार का सामना करना पड़ा था।
पूरे जिले में दूसरी सबसे बड़ी जीत थी अर्पणा की
अर्पणा पसरीजा की जीत जिले में दूसरी सबसे बड़ी जीत थी। उनसे अधिक जीत टोहाना के नरेश बंसल की थी, जिन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को 4240 वोटों से हराया था। अर्पणा ने अपने प्रतिद्वंद्वी भजनलाल कंबोज को 3878 वोटों से करारी शिकस्त दी थी।
कोट
हमने सरकार को समर्थन दिया है, न कि भाजपा ज्वाइन की है। भूना शहर बदहाल हो चुका है, इसके विकास की बहुत जरूरत है। इसलिए सरकार को समर्थन दिया है ताकि शहर का विकास करवाया जा सके।
-अर्पणा पसरीजा, नवनिर्वाचित चेयरपर्सन, भूना