फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: भूना नगर पालिका हाउस बैठक राजनीतिक विवाद के कारण स्थगित

Fri, 10 Jul 2026 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
भूना। शहर में जोहड़ की जमीन पर बने मकानों और खाली पड़ी जगहों के सर्वे को लेकर नगर पालिका की प्रस्तावित हाउस बैठक शुक्रवार को राजनीतिक विवाद की भेंट चढ़ गई। वाइस चेयरमैन सहित नौ पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। बहुमत पूरा नहीं होने के कारण नगर पालिका सचिव दीपक कुमार ने करीब ढाई घंटे इंतजार करने के बाद बैठक स्थगित कर दी।
विज्ञापन

बैठक रद्द होने के बाद बहिष्कार करने वाले पार्षद भी नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और आपत्ति दर्ज कराई। अब नगर पालिका हाउस की अगली बैठक 14 जुलाई को बुलाई गई है। बहिष्कार करने वालों में वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी, पार्षद रोहताश जांगड़ा, सुशील सोनी, सुमित कुमार, पार्षद प्रतिनिधि बलजीत सोनी, बजरंग शर्मा, संजीव छोकरा, राजू कंबोज सहित एक अन्य पार्षद और दो मनोनीत पार्षद शामिल थे।
वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी, पार्षद सुमित कुमार और सुशील सोनी ने आरोप लगाया कि हाउस की बैठक में रखे जाने वाले प्रस्तावों को चेयरपर्सन के पति मास्टर पंकज पसरीजा ने सोशल मीडिया पर पहले ही सार्वजनिक कर दिया। उनका कहना था कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को जानकारी देने से पहले एजेंडा सार्वजनिक करना हाउस की गरिमा और पार्षदों का अपमान है।
विज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को देखते हुए लोगों में भ्रम और डर का माहौल बनाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। पार्षदों ने कहा कि प्रशासन और पूर्व विधायक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि गरीबों के मकान नहीं तोड़े जाएंगे। इसके बावजूद हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देकर लोगों में यह संदेश दिया गया कि बड़े स्तर पर कब्जे हटाए जाएंगे।
उनका कहना था कि जिस प्रस्ताव पर अभी हाउस की मंजूरी नहीं मिली, उसका तीन दिन पहले प्रचार करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने दावा किया कि नौ पार्षदों की एकजुटता से इस प्रयास को विफल कर दिया गया।

चेयरपर्सन का पक्ष
चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक का उद्देश्य गरीब परिवारों के मकानों को सुरक्षित रखना था। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार खसरा नंबर 853, 854, 855 और 856 के आसपास वर्षों से बने पक्के मकानों को राहत देने का प्रस्ताव रखा गया था। इसके लिए संबंधित परिवारों के पास बिजली या पानी का बिल, निवास प्रमाण पत्र, पंचायत रसीद, प्रॉपर्टी आईडी अथवा नगरपालिका कर रसीद जैसे किसी एक दस्तावेज का होना आवश्यक होगा।
अगली बैठक का एजेंडा
चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा ने बताया कि प्रस्ताव में ग्राम पंचायत द्वारा पूर्व में धर्मशाला, मंदिर, सरकारी स्कूल, श्मशान भूमि, रास्ते, जलघर, पटवारखाना तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित भूमि को भी सुरक्षित रखने की बात शामिल थी। वहीं जोहड़ों के आसपास स्थित खाली प्लॉट, खाली जगह, अनुपयोगी भवन और अतिरिक्त खाली भूमि का सर्वे कर नोटिस के माध्यम से कब्जा मुक्त कराकर उन्हें दोबारा जोहड़ में शामिल कर जल संरक्षण को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा गया था। इस विषय पर चर्चा करने के लिए अब नगर पालिका हाउस की अगली बैठक 14 जुलाई को बुलाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें