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Fatehabad News: बीईओ रोजाना जांचेंगे दो स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता, देंगे रिपोर्ट

Thu, 20 Feb 2025 10:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के राजकीय प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील बनाते हुए कुकस्त्रोत लाइब्रेरी
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फतेहाबाद। जिला उपायुक्त मनदीप कौर की अध्यक्षता में लघु सचिवालय के सभागार में वीरवार को जिला अधिकारियों की मासिक बैठक आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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बैठक में उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों में बच्चों के दिए जाने वाले मिड-डे मील को लेकर गंभीरता बरतें। खंड शिक्षा अधिकारी रोजाना दो स्कूलों में जाकर मिड-डे मील चेक करेंगे। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को भी रेंडमली रोजाना एक स्कूल में मिड-डे मील खाकर चेक करना होगा। इसको लेकर उनको रिपोर्ट भी देनी होगी।

कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को दिया जाता है मिड-डे मील

शिक्षा विभाग की तरफ से पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जाता है। जिनमें पहली से पांचवीं तक के 37,295 विद्यार्थियों और छठी से आठवीं कक्षा तक के 29,211 विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जाता है।
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ये है जिले में सरकारी स्कूलों की स्थिति

खंड प्राइमरी मिडिल

फतेहाबाद 104 20

भूना 52 4

भट्टूकलां 38 6

टोहाना 67 18

रतिया 92 26

जाखल 33 8

- सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हुआ तो विभाग के अधिकारी होंगे जिम्मेदार

बैठक में उपायुक्त ने विभाग की संपत्तियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभागों की जमीनों पर से किए गए कब्जों को तुरंत हटवाए। विभाग की जमीन पर अगर कब्जा होता है तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा होना गंभीर विषय है। इस पर विभाग संज्ञान लें और नियमानुसार कब्जा हटवाने की कार्रवाई अमल में लाए। अपनी संपत्ति का संरक्षण करना विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी बनती है।

कुपोषण को लेकर बेहतर काम करने वाली पंचायतें होंगी सम्मानित

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरजीता कुमारी ने बच्चों और महिलाओं में जिले में एनीमिया की स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने बच्चे के पहले एक हजार दिन के महत्व के बारे में तथा विभाग द्वारा कुपोषण उन्मूलन के लिए की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषणयुक्त आहार वितरण, स्वास्थ्य जांच शिविर, जागरूकता अभियान और मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा रहा है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक पंचायत में कुपोषण उन्मूलन के लिए ठोस कदम उठाएं और समय-समय पर इसकी समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस अभियान की प्रगति की नियमित निगरानी करेगा और बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
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