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संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम से दें मधुमेह को मात

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नागरिक अस्पताल में जांच करवाने पहुंची महिलाएं। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। भागदौड़ भरी जिंदगी, खानपान की गलत हमारे स्वास्थ्य को बिगाड़ रही है। गंभीर बीमारियों में शामिल मधुमेह का शिकार हो रहे है। एनसीडी के सर्वे में रोजाना 30 से 40 फीसदी लोग मधुमेह का शिकार मिल रहे हैं। ये ही नहीं बच्चे भी मधुमेह की चपेट में आ रहे हैं। पहले अधिक उम्र के लोगों में मधुमेह की पुष्टि होती थी लेकिन अब 10 से 12 प्रतिशत बच्चे भी मधुमेह रोग का शिकार हो रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अस्पतालों में एनसीडी काउंटर शुरू कर रखे हैं, यहां पर 30 से अधिक उम्र के लोगों की बीपी और शुगर की जांच निशुल्क की जाती है। नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में रोजाना 100 से 110 मरीजों की जांच हो रही है। इसमें 30 से 40 मरीज मधुमेह का शिकार मिल रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक व्यायाम और संतुलित खानपान से मधुमेह से बचा जा सकता है। इसके अलावा नियमित जांच भी सबसे जरूरी है। शारीरिक श्रम न करने, तनाव और ब्लड प्रेशर होने पर व्यक्ति मधुमेह का शिकार हो जाता है। मधुमेह की मात्रा अधिक बढ़ से मरीजों में हार्ट अटैक होने का खतरा बन जाता है। संवाद
इसलिए बच्चे होते हैं मधुमेह का शिकार
टाइप वन बच्चों में होता है, इंसुलिन नहीं बनता, जिससे खून में ग्लुकोज की मात्रा बढ़ जाती है। इसके अलावा परिवार में किसी को पहले से अगर मधुमेह होता है तो इससे बच्चों में होने का खतरा बन जाता है। इस तरह के बच्चे को इंसुलिन के इंजेक्शन दिए जाते हैं।
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मधुुमेह के लक्षण
बार-बार पेशाब आना
ज्यादा प्यास लगना।
आंखों की रोशनी पर असर होना
कोई चोट या जख्म देरी से ठीक होना
कोट
एनसीडी काउंटर पर मरीजों के ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच की जाती है। रोजाना करीब 30 से 40 मरीज मधुमेह का शिकार मिल रहे है।
- डॉ. गुंजन, कार्यकारी इंचार्ज, एनसीडी नागरिक अस्पताल
कोट
खानपान अच्छा न होना और सबसे बड़ी बात व्यायाम न करना मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ने का कारण है। बच्चे भी इसी कारण से इसका शिकार हो रहे है। मोटापा बढ़ रहा है और मधुमेह की चपेट में आ रहे है। अगर व्यायाम करें, तीन से चार किलोमीटर रोजाना पैदल चलें तो इस पर काबू किया जा सकता है। दिन में तीन समय खाने के बजाए उतने ही खाने को छह-सात बार खाएं। धूम्रपान और शराब का सेवन न करें। समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच करवाते रहें।
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- डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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