फतेहाबाद। गांव पारता के गुरु जम्भेश्वर मंदिर में साप्ताहिक जाम्भाणी हरिकथा ज्ञानयज्ञ चल रही है। जिसमें राजस्थान के लालासर साथरी से आए स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने लोगों को जीव रक्षा करने वाले लोगों की सेवा का महत्व बताया।
उन्होंने कहा की जीवों पर दयाभाव रखने वाले इंसान की रक्षा सदैव परमात्मा करते हैं। इसलिए हमें मांसाहार से दूर रहना चाहिए। गुरु जम्भेश्वर भगवान ने शब्दवाणी में “जीवां ऊपर जोर करीजे, अंतकाल तेरो होयसी भारूं” कहा था। स्वामी सचिदानंद ने नशाखोरी का नुकसान बताते हुए नशा करने वाले व्यक्ति को बर्बादी के अलावा कुछ नहीं मिलता। वह अपने साथ कई परिवार बर्बाद कर देता है। साथ ही नशा करने वाला व्यक्ति अपराध की और बढ़ जाता है।
उन्होंने कथा में आए लोगो को बच्चों को अच्छी शिक्षा और संस्कार देने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमारे बच्चे ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। हम कितनी ही धन-दौलत कमा लें लेकिन अगर बच्चों को अच्छे संस्कार नहीं देंगे तो वह कमाया हुआ धन ही गंवा देगा। इस अवसर पर मंदिर कमेटी अध्यक्ष अमित कुमार, नरसी एडवोकेट, दलीप, मंगतराम सिहाग, राजेन्द्र बोस्ती, शिवनेर पिरथला, रिछपाल ज्याणी, मंगतराम ठरवा सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे।