फतेहाबाद। सरकार ने सस्ते बासमती के निर्यात पर रोक लगा दी है। अब केवल 100 रुपये या इससे अधिक बासमती का ही निर्यात विदेशों में हो सकेगा, जिससे चावल निर्यातकों में रोष है। सरकार की इस रोक के बाद अब फतेहाबाद की अनाज मंडियों में राइस शेलरों व पक्का आढ़तियों ने डुप्लीकेट बासमती की खरीद बंद कर दी है। सोमवार से यह खरीद बंद की गई है, जबकि पता चला है कि प्रदेश की अन्य मंडियों में भी डुप्लीकेट बासमती की खरीद नहीं हो पा रही है।
केंद्र सरकार ने विदेशों में जाने वाले बासमती चावल का न्यूनतम निर्यात मूल्य 1200 डॉलर प्रति टन कर दिया है। यानि 100 रुपये से कम कीमत का चावल विदेशों में निर्यात नहीं किया जा सकता। सरकार ने 25 अगस्त 2023 को यह आदेश पारित किए थे, जिसके चलते चावल निर्यातकों व राइस शेलर मालिकों में भारी रोष देखा जा रहा है। चावल निर्यातकों की मांग है कि सरकार बासमती की न्यूनतम निर्यात मूल्य 850 डॉलर प्रति टन करे, लेकिन अभी तक उनकी मांग नहीं मानी जा रही है। इस मामले में चावल निर्यातक केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से भी मिल चुके हैं और वह नए नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं। भारत में बासमती के नाम से डुप्लीकेट बासमती की वैरायटी भी काफी प्रचलित है।
फतेहाबाद में भी कई राइस शेलर विदेशों में चावल का निर्यात करते हैं। फतेहाबाद में डुप्लीकेट बासमती की किस्म पुसा 1121, 1509, 1718 व 1401 की काफी उपज होती है। जिसे केवल राइस शेलर व चावल निर्यातक ही इसको खरीदते हैं। इसके बाद इसकी पॉलिशिंग करके इसको कुछ शेलर मालिक तो विदेशों में डायरेक्ट भेजते हैं। वहीं पक्के आढ़ती व राइस शेलर भी तरावड़ी व कैथल में भी इस चावल को बेचते हैं। इस बार फतेहाबाद की अनाज मंडी में डुप्लीकेट बासमती के दाम 3400 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं, जबकि पिछली बार इसकी कीमत चार हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी।
सोमवार से बंद की डुप्लीकेट बासमती की खरीद
सरकार द्वारा 100 रुपये से अधिक के बासमती चावल के निर्यात की शर्त के बाद राइस शेलरों व आढ़तियों ने डुप्लीकेट बासमती धान की खरीद बंद कर दी है। सरकार के इस फैसले से मंडी के आढ़तियों में भी रोष देखा जा रहा है और उन्होंने चावल निर्यातकों की मांगों को मानने की बात कही है। उनका कहना है कि सरकार ने जल्द ही फैसला नहीं बदला तो मंडी के आढ़ती हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
जिंदल इंडस्ट्रीज का चावल 40 देशों में होता है निर्यात
फतेहाबाद से जिंदल इंडस्ट्रीज व जिंदल बासमती इंडिया लि. का चावल यूएई, यूके, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, कुवैत, ओमान, केन्या, निग्रा व स्पेन सहित 40 देशों में निर्यात होता है। इनमें मिडिल ईस्ट के देश प्रमुख रूप से शामिल हैं।
कोट -
सरकार ने अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक कीमत का बासमती चावल ही बेचने की अनुमति दी है, जबकि हमारे पास 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम का बासमती चावल है। इस चावल की मांग खाड़ी देशों में अधिक रहती है। उम्मीद है कि सरकार नया नोटिफिकेशन जारी करेगी।
- अजय जिंदल, संचालक, जिंदल इंडस्ट्रीज व जिंदल बासमती इंडिया लिमिटेड, फतेहाबाद