शुक्रवार अलसुबह चोरी हुई नवजात कन्या को 16 घंटे बाद पुलिस ने भूना के नाढ़ौड़ी से बरामद कर लिया है। पुलिस ने अस्पताल से बच्ची चुराने वाली महिला को हिरासत में ले लिया है।
जानकारी के अनुसार सामान्य अस्पताल के प्रसव वार्ड से शुक्रवार सुबह एक महिला मां की गोद में सो रही बच्ची को लेकर फरार हो गई। बच्ची को ले जाते समय अस्पताल के एक कर्मचारी ने उसका पीछा किया और शक होने पर पुलिस चौकी का दरवाजा भी खटखटाया लेकिन पुलिसकर्मी नहीं उठे और देखते ही देखते महिला चंडीगढ़ की बस में सवार हो गई। कर्मचारी नेे बस के कंडक्टर को भी महिला के संदिग्ध होने के बारे में बताया लेकिन कंडक्टर का दिल भी नहीं पसीजा और महिला बस में सवार होकर रवाना हो गई। बच्ची के लापता होने के बाद अस्पताल प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। वहीं बच्ची की मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है। यदि समय रहते अस्पताल और पुलिस प्रशासन सजग हो जाता तो बच्ची अपनी मां की गोद में होती। 12 घंटे बाद भी जब पुलिस बच्ची को ढूंढने में नाकाम रही तो नाराज परिजनाें ने दोपहर चार बजे अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की और वार्ड के शीशे तोड़ दिए। जिसके बाद मौके पर पहुंचे डीएसपी विजय क्ककड़ तथा डिप्टी सीएमओ एचएल गुप्ता ने गुस्साए लोगों को शांत कराया। अस्पताल पुलिस छावनी में तबदील हो गया था।
भाटिया कॉलोनी निवासी लाखन सिंह ठाकुर की पत्नी ममता की 15 अगस्त को सिजेरियन ऑपरेशन से डिलीवरी हुई थी। जिसमें महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था। इस दौरान बच्ची को पीलिया हो गया और उसे सामान्य अस्पताल की नर्सरी में भर्ती कर लिया गया। दो दिन पहले मां को छुट्टी दे दी गई। लेकिन बच्ची के नर्सरी में होने के चलते मां को अस्पताल में रोक लिया गया। गुरुवार रात को अस्पताल स्टाफ ने बच्ची को मां को सौंप दिया और कहा कि सुबह टीके लगाने हैं जिसके बाद बच्ची को छुट्टी दे दी जाएगी। मां ने बच्ची को अपनी गोद में सुला लिया और सुबह साढ़े तीन बजे बच्ची को दूध भी पिलाया। जिसके बाद बच्ची की मां और दादी को भी नींद आ गई। इस दौरान साथ वाले बेड पर सो रही संदिग्ध महिला ने वार्ड की लाइट यह कहकर बंद कर दी कि मच्छर काट रहे हैं। इसके बाद महिला ने बच्ची को मां की गोद से उठाया और फरार हो गई।
कर्मचारी को हुआ शक किया पीछा
अस्पताल से बच्ची को लेकर भागते समय चाय की दुकान पर बैठे अस्पताल के धोबी दुनीचंद को शक हुआ और उसने महिला को रोककर बच्ची के बारे में पूछा तो महिला ने कहा कि बच्ची उसकी है और वह सिरसा से दवाई दिलवाने के लिए आई थी। जिससे दुनीचंद को और अधिक शक हो गया और उसने महिला का पीछा नहीं छोड़ा और बस स्टैंड चौकी में पहुंच गया। दुनीचंद के अनुसार चौकी का दरवाजा बंद था और कूलर चल रहा था। जब उसने चौकी का दरवाजा खटखटाया तो पुलिस चौकी का दरवाजा नहीं खोला। इतने में 4 बजकर 50 मिनट पर सिरसा की ओर से चंडीगढ़ जाने वाली बस आ गई और वह बस में चढ़ गई। धाबी दुनीचंद ने बताया कि उसने कंडक्टर को महिला के संदिग्ध होने के बारे में बताया लेकिन कंडक्टर ने कहा कि महिला ने भूना की टिकट ले ली है बाकी अपना क्या लेना-देना है। जिसके दुनीचंद हारकर वापिस लौट गया।
नहीं मिला महिला का रिकॉर्ड
सुबह जब बच्ची के चोरी होने की खबर अस्पताल में फैली तो महिला वार्ड के स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने संदिग्ध महिला का रिकॉर्ड ढूंढना शुरू कर दिया। लेकिन अस्पताल में बच्ची चोरी करने वाली महिला का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। ऐसे में कोई भी अस्पताल में आकर आसानी से बड़ी घटना को अजाम दे सकता है। अस्पताल में बच्ची को चुराने वाली महिला की उसपर नजर पिछले दो दिन से थी। बच्ची के चाचा ज्वाला सिंह ने बताया कि उसकी भाभी डिलीवरी होने के बाद बेड नंबर 5 पर थी। उनके साथ बेड नंबर 4 पर पिछले दो दिन से महिला लेटी हुई थी। जब उससे लेटे होने के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उसका बच्चा नर्सरी में दाखिल है। गुरुवार रात को जब नर्सरी के स्टाफ ने बच्ची को मां के पास सौंपा तो उसी समय से महिला बच्ची पर नजर रखे हुए थी। सुबह दूध पिलाने के बाद जब मां, बेटी व दादी को नींद आ गई तो महिला ने यह कहकर लाइट बंद करवा दी कि मच्छर काट रहे हैं जिसके बाद महिला ने घटना को अंजाम दे दिया। ज्वाला सिंह ने बताया कि उसकी मां पुष्पा की जब आंख खुली तो बच्ची बेड पर नहीं थी।
सीसीटीवी में मिली फुटेज
शुक्रवार सुबह जब पुलिस कर्मचारी नींद से जागे तो उन्होंने बच्ची की छानबीन शुरू की। लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस कर्मचारियों ने आस-पास की सीसीटीवी कैमरे की तलाश शुरू की। बताया जा रहा है कि पुलिस को बस स्टैंड के पास एक मेडिकल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे से फुटेज मिली है जिसमें हरा सूट डाले एक महिला बच्ची को ले जा रही है। अस्पताल से जब महिला बच्ची को लेकर निकली तो सिक्योरिटी गार्ड ने महिला से बच्ची के बारे में पूछना भी उचित नहीं समझा। ऐसे में अस्पताल का सिक्योरिटी सिस्टम भी संदेह के घेरे में है।
नाराज हो तो दरी बिछाकर बैठो
अस्पताल में गुस्साए लोग जब तोड़फोड़ कर रहे थे तो डिप्टी सिविल सर्जन एच.एल गुप्ता कुछ लोगों को अपने कार्यालय में ले गए और उन्हें समझाने की जगह भड़क गए और कहा कि अस्पताल में तोड़फोड़ की तो एफआईआर दर्ज करा दूंगा। अगर रोष ही जताना है तो अस्पताल के बाहर दरी बिछाकर बैठ जाओ।
कोई नहीं ले रहा जिम्मेदारी
बच्ची के लापता होने के बाद अस्पताल का कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। जब इस बारे में सीएमओ डॉ. सूरजभान कंबोज से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पताल किस-किस का रिकॉर्ड अपने पास रखे। अस्पताल में दिन में सैकड़ों लोग आते हैं। फिलहाल अब वार्ड में स्टाफ को कह दिया है कि प्रत्येक व्यक्ति की रजिस्टर में रिकॉर्ड रखा जाए।
गांव नाढ़ौड़ी की एक ढ़ाणी से महिला को हिरासत में लेकर चोरी हुई बच्ची को बरामद कर लिया गया है। बच्ची को उसकी मां को सौंप दिया गया है। बच्ची सुबह चार बजे चोरी हुई थी और शाम को साढ़े छ: बजे बरामद कर ली गई।
गौरव शर्मा, शहर थाना प्रभारी, फतेहाबाद।