फतेहाबाद। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने जारी नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम रविवार को गांव अयाल्की पहुंची। यहां पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में मजदूर को कानूनी और सामाजिक अधिकारों की जानकारी साझा की गई। साथ ही उन्हें नशे से बचाव के बारे भी बताया गया।
कार्यक्रम में जिला बार एसोसिएशन की पूर्व सचिव एडवोकेट कमलेश वशिष्ठ ने उपस्थित लोगों को विस्तार से समझाया कि श्रमिक वर्ग के लिए भारतीय संविधान और श्रम कानून किस प्रकार सुरक्षा कवच का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही हक हासिल करने की पहली सीढ़ी है। यदि हर मजदूर अपने अधिकारों को जाने और समय पर न्यायिक संस्थानों से मदद ले, तो शोषण की कोई गुंजाइश नहीं रह सकती।
नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया
जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह ने केमिकल नशे के युवाओं पर पड़ने वाले खतरनाक प्रभावों बारे जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा सिर्फ शरीर को खोखला नहीं करता, बल्कि परिवार और समाज की जड़ों को भी हिलाकर रख देता है। उपस्थित ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए अपील की कि वे अपने बच्चों को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जागरूक होकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि समय रहते परिवार और समाज मिलकर कदम न उठाए, तो आने वाली पीढ़ी को इस दलदल से निकालना कठिन होगा।