एटीएम के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों के अनुसार इनमें एक बदमाश एटीएम रूम में घुसता है और गैस कटर से कार्रवाई शुरू कर देता है। किंतु एटीएम मशीन में लगे सेंसर की तकनीक से मुंबई हेड क्वार्टर में पूरी घटना नजर आ गई। जिस पर हेड क्वार्टर टीम इंचार्ज वैभव ने भूना पुलिस एसएचओ के नंबर पर 12 बजकर 39 मिनट पर फोन करके सूचना दी।
सूचना मिलते ही एसएचओ देवेंद्र सिंह नैन एएसआई खेताराम और गाड़ी चालक सुखबीर सिंह के साथ 12 बजकर 43 मिनट पर गांव जांडली खुर्द पहुंचे। जिन्हें देखकर तीन लुटेरे इनोवा गाड़ी लेकर भाग गए और दो अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों से फरार हो गए।
तीन हजार रुपये गायब मिले हैं : बैंक प्रबंधक
भारतीय स्टेट बैंक जांडली खुर्द के प्रबंधक देशराज ने बताया कि एटीएम में शुक्रवार की रात्रि को हुई वारदात के बाद मशीन से तीन हजार रुपये की राशि गायब मिली है। एटीएम मशीन में कुल 3 लाख 45 हजार 600 रुपये थे। लेकिन घटना के बाद शनिवार को एटीएम मशीन से उपरोक्त राशि की जांच की तो 3 लाख 42 हजार 600 बरामद हुए हैं। इसलिए मौके से तीन हजार रुपये गायब पाए गए हैं।
बेहिचक होकर बदमाशों ने दिया अंजाम
इनोवा गाड़ी में आए पांच बदमाश खुलेआम लूट की वारदात को बिना भयभीत होकर अंजाम देते रहे। किंतु सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में सड़क पर कई वाहनों का आना-जाना दिखाई दे रहा है। एटीएम का शटर गाड़ी से तोड़ने के बाद आई आवाज के बाद भी पड़ोसी घरों में ही दुबके रहे। नकाबपोशों ने करीब दस मिनट तक एटीएम तोड़ने का प्रयास किया।
पुलिस की गाड़ी तेज गति से जैसे ही बैंक के आगे आई तो इनोवा गाड़ी फतेहाबाद की तरफ दौड़ पड़ी। मगर पुलिस ने लुटेरों को पकड़ने के लिए पूरी तरह से प्लानिंग नहीं बनाई थी। एटीएम से लूट को बचाने की जल्दबाजी में मात्र तीन पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। लेकिन इसके बावजूद बड़ी वारदात होने से बचाने में पुलिस ने भी जान को जोखिम में डालकर सराहनीय कार्य किया है।
पुलिस स्टेशन में मुंबई हेड क्वार्टर से सूचना आई तो एसएचओ देवेंद्र नैन एएसआई खेताराम को और थाने की स्कार्पियो गाड़ी के चालक सुखबीर सिंह को लेकर जांडली खुर्द रवाना हुए। चालक ने 7 किलोमीटर का सफर मात्र 4 मिनट में पूरा करके बैंक एटीएम से होने वाली लूट को बचाने में भरसक प्रयास किया। अगर पुलिस कर्मी मात्र 2 मिनट और न पहुंचते तो एटीएम से लूट हो जाती। क्योंकि कटर के द्वारा लुटेरे एटीएम की राशि स्टोर तक पहुंच जाते।
एटीएम में नहीं रखा था गार्ड
वारदात के दौरान अगर एटीएम में गार्ड मौजूद होता तो शायद बदमाश इस एटीएम का रुख ही नहीं करते, लेकिन एटीएम गार्ड ना होने के चलते बदमाशों को ये सॉफ्ट टारगेट लगा। बैंक प्रबंधन का कहना है कि इस एटीएम के लिए अभी गार्ड की अप्रूवल नहीं थी जिसके चलते गार्ड नहीं रखा गया था।
अगर एटीएम से बड़ी लूट हो जाती तो यह पुलिस के लिए शर्मसार घटना थी। हमने अपनी जान को जोखिम में डालकर नकाबपोश लुटेरों के इरादों को नाकाम किया है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ पुलिस पार्टी पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, एटीएम मशीन को गैस कटर से काटकर ले जाने का प्रयास करने इत्यादि की भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा दर्ज किया है। देवेंद्र नैन, एसएचओ