फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कानपुर: टायर कंपनी के वर्कशॉप कर्मचारी की गोली मारकर हत्या, मंगेतर को लेकर किया था कमेंट

Sat, 04 Jan 2020 03:11 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
विज्ञापन
कानपुर के सचेंडी में टायर कंपनी के वर्कशॉप के कर्मचारी अनिल कुमार संखवार (25) की हत्या उसके साथी कर्मचारी ने मंगेतर को लेकर कमेंट करने के विरोध पर की थी। इसका खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। हालांकि परिजनों ने लेनदेन का विवाद बताकर गोली मारने वाले कर्मचारी समेत कंपनी के मालिक, मैनेजर व सिक्योरिटी गार्ड पर एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन


पुलिस फरार मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है। घाटमपुर के उमरी गांव निवासी अनिल कुमार सचेंडी के रनिया स्थित पॉमियर टॉकिंग, अपोलो टायर्स वर्कशॉप में काम करता था। सचेंडी एसओ शेष नारायण पांडेय के मुताबिक गुरुवार रात शराब के नशे में धुत साथी कर्मचारी बहापार, हसवा फतेहपुर निवासी रंजीत ने कंपनी के सिक्योरिटी गार्ड महेंद्र की लाइसेंसी बंदूक से अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

एसओ के मुताबिक जांच में पता चला कि फतेहपुर औंग निवासी एक युवती से अनिल की सगाई हो चुकी थी। इसी महीने उसकी शादी थी। तारीख अभी तय नहीं हुई थी। ऐसे में वह गुरुवार रात फोन पर मंगेतर से बात कर रहा था। तभी, नशे में धुत रंजीत ने उसकी मंगेतर को लेकर कमेंट किया।

अनिल ने जब  विरोध किया तो उसने उसे गोली मार दी। एसओ ने बताया कि परिजनों ने लेनदेन के विवाद में हत्या की आशंका जताई है। इस संबंध में अभी तक कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन

बंदूक लेकर घूमता था आरोपी
एसओ ने बताया कि गार्ड महेंद्र रात करीब 11 बजे खाना खा रहा था। रंजीत ने तभी उसकी लाइसेंसी बंदूक ले ली। उसने कहा कि वह वर्कशॉप में गश्त करने जा रहा है। इसके कुछ ही देर बाद उसने अनिल को गोली मार दी। पुलिस ने जब गार्ड समेत अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की तो पता चला कि अनिल अक्सर रात को बंदूक लेकर घूमता था। गार्ड की लापरवाही साफ है। एसओ ने बताया कि वर्कशॉप मालिक व मैनेजर के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। वारदात को अकेले रंजीत ने ही अंजाम दिया है। आगे की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

छह साल से लापता हैं पिता
वारदात के बाद से अनिल की मां महाराजा देवी, भाई मनोज, बलवान व विनोद स्तब्ध हैं। परिजनों ने बताया कि छह साल पहले अनिल के पिता रामकृष्ण लापता हो गए थे। तब से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। वहीं अब अनिल की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें