फतेहाबाद। जिले के पांच शहरों में शुक्रवार को दूसरे दिन भी सफाई नहीं हुई और न ही डोर टू डोर कचरा उठान हुआ। नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर नगरपरिषद के सफाई और दमकल कर्मचारियों धरना दिया और प्रदर्शन किया। डोर टू डोर कचरा उठान और स्वीपिंग एजेंसी ने भी सफाई नहीं की।
नगर परिषद के ईओ सुरेश ने शुक्रवार दोपहर को डोर टू डोर कचरा उठान एजेंसी को गाड़ियां लेकर उठान के निर्देश दिए। वीरवार को एजेंसी को नोटिस जारी किया गया था। एजेंसी के अधिकारियों ने जब गाड़ियां निकालने का प्रयास किया तो नगर परिषद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर दिया और गेट पर बैठ गए।
एजेंसी ने कचरा उठान गाड़ियां निकलवाने के लिए थाने में पत्र देकर पुलिस फोर्स मांगी है। शनिवार को भी जिले के फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, भूना और जाखल में सफाई नहीं होगी। दो दिन में जिले में 220 टन के लगभग कचरा एकत्रित हो गया है।
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शहर से रोजाना निकलता है 35 टन कचरा
शहर फतेहाबाद में लगातार दूसरे दिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप रही जिसके चलते मुख्य सड़कों, गलियों और चौराहों पर कचरे के ढेर लग गए। डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियां भी न पहुंचने से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहर से रोजाना 35 से 40 टन कचरा निकलता है। नगर परिषद कार्यालय में धरने की अध्यक्षता नगरपालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने की, जबकि मंच संचालन सचिव ओमप्रकाश लोट ने किया।
कर्मचारी संगठनों का मिला साथ
हड़ताल के दूसरे दिन विभिन्न जनसंगठनों के नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। सर्व कर्मचारी संघ के पूर्व जिला प्रधान बेगराज, पार्षद मोहन लाल नारंग, चन्द्रभान वधवा, बिजली बोर्ड यूनियन से भूप सिंह भड़ोलांवाली व रामनिवास शर्मा, पूर्व कर्मचारी नेता ओमप्रकाश चड्ढा तथा खेत मजदूर यूनियन के नेता रामकुमार बहबलपुरिया ने धरने को संबोधित करते हुए सरकार से कर्मचारियों की मानी गई मांगों को तुरंत लागू करने की मांग की। नगरपालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान विजय ढाका व वीरू रत्ती ने कहा कि पिछले 12 सालों के शासनकाल में भाजपा सरकार ने एक भी सफाई कर्मचारी की पक्की भर्ती नहीं की है और न ही वर्षों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया है।