गनीमत रही कि स्कूल में सनियाना का कोई भी विद्यार्थी उपस्थित नहीं था।
इस दौरान उपद्रवी युवकों ने स्कूल में खूब उत्पात मचाया और कमरों के
दरवाजों व खिड़कियों को तोड़ दिया।
घटना को लेकर दोनों ही गांवों
में तनाव पूर्ण स्थिति बनी हुई है। एसएचओ ने किसी प्रकार की घटना से बचाने
के लिए अस्थाई तौर पर भारी संख्या में पुलिस कर्मचारियों को सनियाना बस
स्टैंड पर तैनात कर दिया है।
प्रिंसिपल सतबीर सिंह की शिकायत पर चमार खेड़ा के दस युवकों को नामित कर 50-60 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नामित
आरोपियों में चमार खेड़ा निवासी राकेश कुमार, नरेश कुमार, विनोद कुमार,
अनिल, सोनू, विनोद बुरान, सुरेश कुमार, विकास अक्षय कुमार व हनुमान सिंह
पूनिया आदि शामिल हैं।
विवाद को लेकर वर्षों से स्कूल आना बंद कर चुके हैं सनियाना के बच्चे
प्रिंसिपल
सतबीर सिंह ने बताया है कि चमार खेड़ा स्कूल में छठी से 12वीं तक 242
विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं। जिनमें 128 लड़कियां भी शामिल हैं।
बच्चों
के विवाद को लेकर दूसरे गांवों के बच्चे यहां से पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
सनियाना के बच्चे पिछले तीन वर्षों से चमार खेड़ा स्कूल में आना बंद कर
चुके हैं।
जिसके कारण हमले के दौरान स्कूल में कोई भी सनियाना का
बच्चा उपस्थित नहीं था। जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। उन्होंने बताया कि
उपद्रवी युवक तेजधार हथियारों से लैस थे।
अध्यापकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन्हें भी डराया धमकाया गया।
गिरफ्तारी नहीं होने पर भड़के सनियानावासी, लगाया जाम
गांव
सनियाना में छात्रा के साथ छेड़छाड़ और दलित युवकों पर हमला करने के मामले
ने बुधवार को तुल पकड़ लिया। चमार खेड़ा के युवकों की गिरफ्तारी की मांग
को लेकर बुधवार को सैकड़ों सनियाना वासियों ने भूना उकलाना मार्ग पर विरोध
प्रदर्शन किया।
मामले को लेकर सनियाना के एक दर्जन लोगों को नामित
कर 60-70 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस दौरान गुस्साए लोगों
ने चमार खेड़ा सड़क पर पेड़ की टहनी डालकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया।
एसएचओ
विजेंद्र सिहाग के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर दलित
परिवार के लोगों को शांत किया तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का
आश्वासन दिया।
प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पुलिस के खिलाफ भी
जमकर नारेबाजी की। मामला बढ़ता देख पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारी युवकों
को भूना-उकलाना मार्ग से खदेड़कर चमार खेड़ा लिंक सड़क पर आवागमन शुरू
करवाया।
ये है मामला
ग्रामीणों के अनुसार गांव सनियाना
में पिछले कई दिनों से चमार खेड़ा के युवक स्कूल व कॉलेज में जाने वाली
छात्राओं के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे।
जिसको लेकर सनियाना व चमार
खेड़ा के युवक आपस में कई बार झगड़ भी चुके थे। सोमवार को भी बस में एक
लड़की पर चमार खेड़ा के एक युवक ने व्यंग्य कस दिया था।
युवकों ने
विरोध किया तो काफी कहासुनी शुरू हो गई। मामले को लेकर मंगलवार को दोनों
पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। जिसमें सनियाना व चमार खेड़ा दोनों ही
गुटों के सात लोग घायल हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस द्वारा
आरोपियों की गिरफ्तारी न करने के कारण बुधवार को सनियाना के सैकड़ों लोगों
ने चमार खेड़ा सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
उधर चमार
खेड़ा निवासी हनुमान सिंह के बयान पर सनियाना के 6 नामित व 8 -10 अन्य
लोगों के खिलाफ रास्ता रोककर मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने का
मुकदमा दर्ज किया गया है।
इनमें सनियाना के जसबीर उर्फ जस्सा,
रामेहर, मोंटू, अनिल, सुरेंद्र मास्टर व वाटर सप्लाई वर्कर गुरदीप के खिलाफ
मुकदमा दर्ज किया है।
हनुमान सिंह ने बताया कि वह अपनी कार से
चमार खेड़ा से टोहाना जा रहा था तो उपरोक्त लोगों ने बिना कारण उसकी गाड़ी
को रोककर पिटाई की। इस दौरान 17 हजार 4 सौ रुपये एवं जरूरी कागजात भी मौके
पर गायब हो गए।
पुलिस ने उपरोक्त लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके
मामले की जांच शुरू कर दी है। बहरहाल दोनों पक्षों में से किसी की
गिरफ्तारी नहीं हुई है।