फतेहाबाद। गांव भूथनकलां में इस वर्ष कबड्डी खेल नर्सरी का आवंटन नहीं होने से खिलाड़ियों का नियमित अभ्यास प्रभावित हुआ है। सरकारी प्रशिक्षण सुविधा बंद होने के बाद कई खिलाड़ियों को निजी अकादमियों या आसपास के गांवों की खेल नर्सरियों में अभ्यास करना पड़ रहा है। इससे समय और आर्थिक बोझ दोनों बढ़ गए हैं।
खिलाड़ियों और अभिभावकों ने खेल विभाग से गांव में फिर से कबड्डी नर्सरी शुरू करने की मांग की है। ग्रामीण पवन कुमार, दलबीर सिंह, जोगिंदर सिंह, रामफल, सुभाष और दिनेश ने बताया कि पिछले वर्ष नर्सरी शुरू होने से युवाओं का खेलों के प्रति रुझान बढ़ा था। प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में नियमित प्रशिक्षण से खिलाड़ियों की तकनीक और फिटनेस में सुधार हुआ था। कई खिलाड़ियों ने जिला और राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन भी किया था।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि भूथन कलां में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यदि गांव में दोबारा कबड्डी खेल नर्सरी शुरू हो जाए तो अधिक बच्चे खेलों से जुड़ेंगे और उन्हें आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।
खिलाड़ियों की चुनौतियां
इस बार नर्सरी नहीं मिलने से खिलाड़ियों की दिनचर्या बदल गई है। बेहतर प्रशिक्षण के लिए उन्हें दूसरे गांवों या निजी अकादमियों तक जाना पड़ रहा है। रोजाना आने-जाने में अतिरिक्त समय लगता है और फीस व यात्रा खर्च भी उठाना पड़ता है। युवा खिलाड़ी सविता, खुशप्रीत, कविता, राहुल, कपिल, सुमेश और राजेश का कहना है कि गांव में नर्सरी रहने से सभी को समान अवसर मिलता था और अनुभवी प्रशिक्षक का मार्गदर्शन भी मिलता था। अब यह सुविधा नहीं होने से कई खिलाड़ियों का उत्साह प्रभावित हुआ है।
खेल नर्सरी के आवेदन करने के बाद उसका आवंटन मुख्यालय की ओर से किया जाता है। इस बार गांव को नर्सरी क्यों नहीं मिली उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है।
- विष्णु दास, जिला खेल अधिकारी फतेहाबाद।