भूना/रतिया/भट्टूकलां/टोहाना। जिले में शनिवार सुबह आई बारिश राहत के साथ आफत भी लेकर आई। तेज बारिश के चलते गांव दहमान में कमरे की छत गिरने से मां-बेटा मलबे में दब गए और घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। दोनों को उपचार के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
वहीं बारिश से कई जगहों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। रतिया शहर व गांव सूलीखेड़ा में रेलवे की ओर से बनाए गए अंडरपास में जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की ओर से बरसाती पानी की निकासी के लिए किए गए प्रबंधों के दावे खोखले नजर आए।
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पड़ोसियों ने तत्परता से बची मां-बेटे की जान
भूना। दहमान गांव में शनिवार सुबह 7 बारिश के चलते एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। इससे 55 वर्षीय कमला देवी व उसका 32 वर्षीय बेटे रामदिया मलबे के नीचे दब गए। शोर सुनकर पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मलबे से बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वहां से दोनों को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस हादसे में कमरे में रखा घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। संवाद
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सड़कों पर जमा हुआ बारिश का पानी
रतिया। क्षेत्र में शनिवार को हुई बारिश ने जलनिकासी के पुख्ता इंतजाम की पोल खोल दी। शहर के भगत सिंह चौक, बुढलाडा रोड, फतेहाबाद रोड और टोहाना रोड पर जलभराव हो गया। इससे आमजन और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से मौसम खुशनुमा हुआ लेकिन सड़कों पर जमा पानी के कारण आवागमन पूरी तरह से प्रभावित रहा। स्थानीय निवासियों प्रेम कुमार, ओम, साहिल, रवि, कृष्ण, मोजी ने प्रशासन से जल निकासी के स्थायी समाधान की मांग की है। संवाद
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सूलीखेड़ा में रेलवे अंडरपास में भरा पानी
भट्टूकलां। गांव सूलीखेड़ा में हिसार-सिरसा रेलवे लाइन पर बने अंडरपास में बारिश का पानी भरने होने से आवागमन बाधित हो गया। करीब सात वर्ष पहले रेलवे ने मानव रहित फाटक को बंद कर इस अंडरपास का निर्माण करवाया था। क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर ऊंचा होने के कारण यहां सेम का पानी भरता था। रेलवे द्वारा करीब छह माह पहले फर्श तोड़कर दोबारा बनाने के बाद सेम की समस्या काफी हद तक दूर हुई लेकिन बारिश के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। रेलवे के एडीईएन ने बताया कि पानी निकालने के लिए पंप की व्यवस्था है और समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान दिया जाएगा। संवाद
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बारिश से भट्टूमंडी की सड़कें बनीं तालाब, जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
भट्टूकलां। बारिश के बाद भट्टूमंडी शहर की कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आदमपुर रोड, हिसार रोड, रेलवे स्टेशन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट के पास करीब एक फुट तक पानी भर गया। इससे दुकानदारों और ग्राहकों के साथ वाहन चालकों को भी परेशानी हुई। दोपहिया वाहन चालकों को रास्ता बदलकर गुजरना पड़ा।
शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए पंचायत भट्टूमंडी ने मार्च 2024 में करीब 40 लाख रुपये की लागत से हिसार रोड स्थित कॉम्प्लेक्स से टाउन पार्क तक 18 इंच के पाइप जमीन में दबाकर निकासी व्यवस्था की थी। बिजली कटौती के दौरान पंप चलाने के लिए करीब 10 लाख रुपये की लागत से जनरेटर भी रखा गया था। हालांकि टाउन पार्क में पानी निकासी के लिए लगी पांच इंच की पाइप क्षमता कम होने के कारण पानी निकालने में कई घंटे लग रहे हैं। संवाद
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शहर की निचली कालोनियों में भरा पानी
टोहाना। शनिवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी। वहीं शहर के निचले इलाकों में जलभराव हो गया। लगातार बारिश के कारण शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों में पानी भर गया। शहर के हिसार रोड, भूना रोड, रतिया रोड और दमकोरा रोड के अलावा सब्जी मंडी, अनाज मंडी तथा सदर थाना के बाहर सड़कों पर पानी जमा हो गया। नालियों की सफाई नहीं होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी काफी देर तक सड़कों पर ही जमा रहा। जलभराव के कारण वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी हुई। कई दोपहिया और चार पहिया वाहन पानी के बीच फंसे नजर आए। शहर में आने-जाने वाले लोगों ने वैकल्पिक मार्ग के रूप में नया बाजार का रुख किया लेकिन वहां अतिक्रमण के कारण जाम की स्थिति बन गई। संवाद
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क्षेत्र बारिश
टोहाना: 44.8 मिमी
भूना: 32 मिमी
भट्टू कलां: 18 मिमी
जाखल: 18 मिमी
रतिया: 12 मिमी
फतेहाबाद: 8 मिमी