फतेहाबाद। दिवाली के बाद जिले की हवा खराब हो गई है। दिवाली पर जमकर हुई आतिशबाजी और खेतों में पराली जलाने के मामलों ने जिले की हवा की गुणवत्ता को प्रभावित किया है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 39 अंक बढ़कर 305 तक पहुंच गया, जो कि खराब श्रेणी में आता है। बुधवार सुबह तक ये एक्यूआई 312 तक रहा है। मंगलवार को भी जिले का एक्यूआई 266 रहा था।
जिले में अब तक पराली जलने के पांच मामले आ चुके हैं। इसमें तीन किसानों पर मामला दर्ज किया है। कृषि विभाग से मिली रिपोर्ट मुताबिक दो मामले पहले आए थे जबकि तीन मामले सोमवार रात को सामने आए।
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बुजुर्ग और अस्थमा बरतें सावधानी
प्रदूषण के कारण अस्पतालों में एलर्जी, सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायतें लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि खासकर बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित मरीज विशेष सावधानी बरतें।
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दिवाली के बाद वायु प्रदूषण बढ़ा है। ऐसे में अस्पताल में एलर्जी से ग्रस्त बच्चे पहुंच रहे है जिन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही है। ऐसे मरीजों को मास्क लगाकर ही बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। दिन में कई बार आंखों और चेहरे को साफ पानी से धोएं और अधिक से अधिक पानी पीएं।
- डॉ.समीर टुटेजा, शिशु रोग विशेषज्ञ
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- प्रदूषण से बचाव के उपाय
बाहर निकलते समय मास्क लगाएं।
घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या गीले कपड़े का इस्तेमाल करें।
धूम्रपान से बचें।
पौष्टिक आहार लें और पानी अधिक पिएं।
बच्चे ऐसे मौसम में इनडोर गेम ही खेलें।
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एक्यूआई कितना सही कितना खराब
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार एक्यूआई स्तर 0 से 50 तक अच्छा होता है। 51 से 100 तक संतोषजनक है। 101 से 200 तक मध्यम स्तर पर, 201 से 300 का स्तर खराब, 300 से 400 बहुत अधिक खराब और 400 से ऊपर का एक्यूआई स्तर स्वास्थ्य के लिए काफी गंभीर माना जाता है।
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फोटो नंबर 32 और 33