फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हटाने की खबरों से आहत नप उपाध्यक्ष ने पार्षदों के व्हाट्सएप ग्रुप में डाला इस्तीफा, शाम को फिर एकजुट हुए विरोधी पार्षद

विज्ञापन
शनिवार रात नप उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति के निवास पर हुई बैठकों में शामिल 12 पार्षद, सतीश चराइपोत्रा ब? - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
फतेहाबाद। नगर परिषद के प्रधान दर्शन नागपाल और उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति के बीच विवाद गहराता जा रहा है। तीन दिन पहले नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल को हटाने के लिए होटल दीप में डिनर बैठक हुई थी। उसके बाद नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल के निवास पर शुक्रवार शाम पार्षदों की बैठक हुई। इसमें 11 पार्षद शामिल हुए। जिसमें उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति को हटाने पर चर्चा की गई।
विज्ञापन

इन चर्चाओं से आहत होकर नगर परिषद उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति ने शनिवार दोपहर को पार्षदों के व्हाट्सएप ग्रुप में अपना इस्तीफा डाल दिया। इतना ही नहीं, उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति ने नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल पर विकास के मामले में उनके वार्ड नंबर 16 के साथ भेदभाव करने के भी आरोप जड़े हैं। इसके अलावा सुनीता रत्ति ने अब पूरे मामले को सांसद सुनीता दुग्गल के समक्ष ले जाने की बात कही है। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की कॉपी उपायुक्त या नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को नहीं भेजी है।
इस बीच नप प्रधान के विरोधी पार्षदों का गुट एकबार फिर शनिवार को एकजुट नजर आया। गौरतलब है कि अमर उजाला के शनिवार के अंक में नप अध्यक्ष निवास पर पार्षदों की बैठक में उपाध्यक्ष को हटाने की तैयारी पर खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद नप उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति ने इस्तीफे की बात कही है।
विज्ञापन

नप उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति के निवास पर आयोजित पर इस बैठक में कुल 13 पार्षद मौजूद रहे जबकि दो अन्य पार्षदों ने समर्थन का एलान किया। बैठक में पार्षद नेहा मित्तल, राजकुमार सैनी, दीपू टुटेजा, अर्जुन लाट, राजेश खटक, राजेश जांगड़ा, विनय शर्मा, रणजीत ओड, गुरचरण और सतीश चराइपोत्रा शामिल रहे जबकि वजीर जाखड़ व एडवोकेट वीरेंद्र एडवोकेट के समर्थन का दावा भी बागी पार्षदों ने कियाप है। बैठक में शामिल रहे पार्षदों ने सुनीता रत्ति से उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा ना देने की अपील की है।
डीसी-ईओ को इस्तीफा देने से पहले सांसद से करेंगी बात
‘अमर उजाला’ ने जब नप उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति से ये पूछा कि अगर वो नप प्रधान से इतनी ही नाराज हैं तो उन्होंने व्हाट्सएप पर इस्तीफे की बजाये डीसी या ईओ को क्यों नहीं भेजा। इस पर उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्होंने सांकेतिक विरोध दर्ज करवाया है। अगला कदम उठाने से पहले वो सांसद सुनीता दुग्गल से मिलकर उन्हें सारी बात बताएंगी। इसके बाद अगर जरूरत पड़ी तो डीसी को भी इस्तीफा देने जाउंगी।
उपाध्यक्ष बोलीं, नगर परिषद में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुंचा
पार्षदों के व्हाट्सएप ग्रुप में डाले गए मैसेज में नगर परिषद उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति ने आरोप जड़ा है कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। उन्होंने नप प्रधान पर उनके वार्ड के साथ भेदभाव करने का भी आरोप लगाया है। रत्ति का कहना है कि चार साल के कार्यकाल में उनके वार्ड में केवल ब्लू बर्ड स्कूल वाली गली ही पक्की हो सकी है। उनकी खुद की गली भी जगह-जगह से खराब हो चुकी है, लेकिन प्रधान व उनके चहेते पार्षद उनके विकास कार्यों में अड़ंगा लगाते हैं। जिसके चलते वो चाहकर भी अपने वार्ड और शहर का विकास अपनी उम्मीदों के अनुसार नहीं करवा सकी।
आरोप, अपनी कुर्सी बचाने के लिए मेरी बलि लेना चाहते नागपाल
नगर परिषद उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति का कहना कि नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल अपनी कुर्सी बचाने के लिए मेरी बलि लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि चार साल पहले बीजेपी ने उन्हें उपाध्यक्ष बनाया था। लेकिन अब नप अध्यक्ष खुद को बीजेपी से ऊपर मानने लगे हैं और बिना बीजेपी नेताओं को विश्वास में लिए अपने निवास पर बैठक करके ही मुझे पद से हटा देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी के खिलाफ जाकर नगर परिषद अध्यक्ष ने ये सारा षडयंत्र रचा है। उन्होंने कहा कि अगर साथी पार्षद चाहेंगे तो वो अपना पद छोड़ ही देंगी।
वर्जन
अभी तक मेरे पास नप उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति के इस्तीफे की कोई सूचना नहीं है और न ही उपायुक्त कार्यालय से इस संदर्भ में कोई सूचना प्राप्त हुई है।
- जितेंद्र सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद फतेहाबाद।
मेरे निवास पर कुछ पार्षदों की बैठक हुई थी। लेकिन मैंने पहले भी कहा था कि शहर की कुछ विकास परियोजनाओं को लेकर कुछ चर्चा हुई। नप उपाध्यक्ष क्या कह रही हैं, ये उनका मामला है। मुझे इसमें कुछ नहीं कहना।
विज्ञापन

दर्शन नागपाल, नप अध्यक्ष, फतेहाबाद।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें