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Fatehabad News: कब्जा हटाने के विरोध में पुलिस प्रशासन के खिलाफ गुस्सा

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रतिया। रतिया में अग्रवाल धर्मशाला के समीप स्थित नगरपालिका की जमीन से बावरिया समाज के परिवारों को बेदखल करने के विरोध में पुलिस-प्रशासन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान संगठन और इंकलाब नौजवान सभा के आह्वान पर लोगों ने जमीन के सामने ही अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। वहीं, शहर पुलिस ने नगर पालिका सचिव की शिकायत पर कब्जा कार्रवाई के समय नगर पालिका कर्मचारियों पर हमला करने और पुलिस बस का शीशा तोड़ने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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रविवार को धरनास्थल पर हुई सभा में कमेटी के माध्यम से जिला प्रशासन से उजाड़े गए परिवारों को एक सप्ताह के अंदर उनका मकान बनाकर देने की मांग की गई। अन्यथा कमेटी के नेतृत्व में शहरवासी गरीब लोगों को नए मकान उसी स्थान पर बनाकर देगी। सभा में खेती बचाओ संघर्ष समिति के किसान नेता राम जाट ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के नेताओं से भी लोग सवाल जवाब करेंगे कि गरीबों को उजाड़े जाने पर उनका साथ क्यों नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि रतिया शहर में नगर पालिका की करोड़ों रुपये की जमीन पर कुछ माफिया लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। माफिया के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाती। नगर पालिका उन कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। अन्यथा आंदोलन कमेटी के सदस्य अवैध कब्जों की लिस्ट बनाकर उन्हें कब्जा मुक्त करवाने के लिए कार्रवाई करने के लिए विवश होगी। इंकलाब नौजवान सभा के अध्यक्ष पार्षद गुरप्रीत गोपी ने भी पीड़ितों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
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22 सदस्यीय कमेटी गठित

बेदखल किए गए लोगों को दोबारा बसाने को लेकर घर बचाओ लोग बचाओ संघर्ष समिति के तहत प्रत्येक संगठन के एक-एक प्रतिनिधि को लेकर 22 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। किसान संगठनों से निर्भय सिंह, पार्षद गुरप्रीत सिंह, राम जाट,जागीर सिंह, तेजिंदर सिंह, रवि , अमन ,हैप्पी सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधि को शामिल कर न्याय कमेटी का गठन किया। निर्णय लिया कि जब तक प्रशासन इन लोगों को इसी जगह पर दोबारा आशियाना बनाकर नहीं देगा, तब तक यह कमेटी इस स्थान पर धरना देगी।
पुलिस के साथ शनिवार को झड़प में 13 लोग घायल, 7 रेफर

शनिवार को अग्रवाल धर्मशाला के समीप कब्जा हटवाने गई पुलिस टीम पर पथराव के बाद हिरासत में लिए जाने के बाद शनिवार शाम को ही किसान संगठन सक्रिय हो गए थे। किसान संगठनों ने शहर थाना पुलिस से हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ने की मांग की थी। किसान संगठनों के दबाव में शनिवार शाम को हिरासत में लिए 13 लोगों को छोड़ दिया गया। इसके बाद किसान संगठनों ने शहर के नागरिक अस्पताल में घायलों को भर्ती कराया। डॉक्टर ने घायल हुए राम भक्त, कृष्ण ,रामकुमार, बलदेव, अंगूरी, मैना, सोनिया समेत सात घायलों को उपचार के लिए अग्रोहा रेफर कर दिया। घायल खजानी, जीवनी ,ममता ,चैनी, राजबाला ,निर्मला सहित छह महिलाएं नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
सर्वसमाज सभा का प्रतिनिधिमंडल मिला विधायक से

सर्वसमाज सभा के सदस्य प्रधान रणजीत सिंह भानीखेड़ा के नेतृत्व में लोग रतिया विधायक लक्ष्मण नापा से मिले। सभा ने बेदखल किए गए लोगों को दोबारा बसाए जाने की मांग की है। इस मौके पर सचिव रणधीर सिंह मोलिया, संरक्षक सतपाल जिंदल, उपप्रधान नरेंद्र ग्रोवर, गुरप्रीत सिंह, करनैल सिंह, बलजिंद्र शर्मा, रूप खोखर, इकबाल सिंह आदि मौजूद रहे।

अस्थायी रूप से तंबू लगाकर बसाने की तैयारी
किसान संगठनों के सहयोग से नगर पालिका की ही जमीन पर अस्थायी रूप से बसाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। किसान यूनियन के प्रवक्ता राम जाट ने बताया कि किसान संगठन बेदखल किए गए लोगों के साथ है। जेसीबी की सहायता से मलबे को एक साइड पर कर दिया गया है। उजाड़े गए परिवारों के लिए पहले अस्थायी आशियाने के तहत तंबू बनाना शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसान यूनियन के 12-14 के करीब कार्यकर्ता 24 घंटे इन परिवारों के आसपास ही रहेंगे।
सरकार का दोहरा चरित्र सामने आया : कुमारी सैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने जारी बयान में कहा कि एक ओर सरकार नगर पालिका-परिषद या निगम की भूमि पर 20 साल से काबिज दुकानदारों को मालिकाना हक दे रही है, तो दूसरी ओर 80 साल से काबिज व्यक्तियों का घर ही तहस-नहस कर दिया। ऐसा करने से सरकार का दोहरा चरित्र सामने आया है।
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