फतेहाबाद में जांच करती हुई अधिकारियों की टीम स्त्रोत विभाग
फतेहाबाद। माता-पिता के बीच अनबन के चलते एक नाबालिग का विवाह कर देने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल गांव में पहुंची और बालिका वधू को ससुराल से वापस बुलाया लिया है। दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर 15 जून को तलब किया है।
गांव मोचीवाली निवासी शख्स का पिछले एक साल के पत्नी से मनमुटाव चल रहा है। पत्नी अलग रह रही है। पारिवारिक परिस्थितियों के चलते पिता ने अपनी 17 साल 3 दिन की बेटी का महज सात दिन में रिश्ता ढंढ़कर 7 जून को भूना क्षेत्र के गांव हसंगा में विवाह तय कर दिया लेकिन शादी की रस्में भूथनकलां में निभाईं गईं। 12वीं पास छात्रा चार बहनों में दूसरे नंबर पर है। बारात रविवार तड़के 3 बजकर 15 मिनट पर भूथनकलां पहुंच गई। यहीं पर महज दो घंटे के भीतर बाल विवाह संपन्न करवाकर सुबह 5 बजे बरात को रवाना कर दिया। घर पर शादी जैसा कोई माहौल नहीं था और पड़ोसी भी इससे बेखबर थे।पड़ोसी भी हैरान किसी को भनक तक नहीं लगी
परिवार की ओर से बाल विवाह गोपनीय रखा गया। दोनों परिवारों के केवल कुछ लोग ही मौजूद रहे। कहीं से इसकी जानकारी बाल निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल को मिल गई। वे टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। विवाह वाले घर पर किसी तरह की सजावट नहीं थी। परिवार ने भी शादी से मना कर दिया लेकिन रेखा अग्रवाल ने कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ।
इसके बाद नाबालिग को गांव हंसगा से वापस बुला लिया और दोनों पक्षों को नोटिस जारी किया। रेखा अग्रवाल ने कहा कि बेटियां मां-बाप पर बोझ नहीं है इसलिए उनके जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए। बाल विवाह कानूनन अपराध है और दोषी लोगों को जेल हो सकती है।