फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: अमर 70 हजार और लक्ष्मीनारायण का मासिक वेतन है एक लाख रुपये

Mon, 16 Feb 2026 10:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ के रायपुर में गेट में नकल करते पकड़़े गएलिस की गिरफ्त में आए फतेहाबाद जिले के भूना नि
विज्ञापन
भूना (फतेहाबाद)। छत्तीसगढ़ के रायपुर में इंजीनियरिंग स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिये नकल करने के शक में पकड़े गए तीनों आरोपियों का सपना एक झटके में टूट गया। इन तीनों के परिवार के सदस्य भी हताश हैं। इसलिए परिवार के सदस्यों ने इस मसले पर चुप्पी साध ली है। एक गलत कदम के चलते उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश और छात्रवृत्ति की चाहत ने इन आरोपियों की भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया।
विज्ञापन


छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित इंजीनियरिंग स्नातक योग्यता परीक्षा (गेट) के दौरान नकल करने के आरोप में पकड़े गए तीनों आरोपी कस्बा भूना के निवासी हैं। इनमें लक्ष्मी नारायण उर्फ लक्की (वार्ड 14), अमर सिंह (वार्ड 15) और बंटी कुमार (वार्ड 5) शामिल हैं। तीन आरोपी एक दिन पहले ही रायपुर पहुंचे और एम्स रायपुर के सामने स्थित एक होटल में कमरा लिया।

-

दो आरोपी पहले से नौकरी में
पड़ोसियों के मुताबिक दो आरोपी पहले से नौकरी में हैं। लक्ष्मी नारायण अंबाला की एक रोड निर्माण कंपनी में कार्यरत है। करीब 70 हजार रुपये उसका मासिक वेतन है। अमर सिंह जम्मू-कश्मीर में नेशनल थर्मल पावर कंपनी में पदस्थ है, जिसका वेतन एक लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वह एसडीओ पद पर प्रमोशन की तैयारी में था। तीसरा आरोपी बंटी कुमार बीटेक की पढ़ाई करता है। गेट स्कोर के आधार पर देशभर के आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एमटेक, एमएस व पीएचडी में प्रवेश मिलता है। अच्छे स्कोर पर छात्रवृत्ति भी मिलती है। हालांकि छात्रवृत्ति के इस रास्ते ने तीनों युवकों के भविष्य पर ही सवालिया निशान लगा दिया है।
विज्ञापन




पहले से की थी रेकी

सूत्र बताते हैं कि पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने परीक्षा से पहले रायपुर की जानकारी जुटाई थी। उन्होंने ऐसा सेंटर चुना जो शहर से दूर हो, ताकि निगरानी कम रहे। इसी रणनीति के तहत सिमगा स्थित आयन डिजिटल जोन को परीक्षा केंद्र बनाया गया। यहां 7–8 और 14–15 फरवरी को परीक्षा आयोजित हुई थी। एक दिन में करीब 500 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
-

परिवार साधारण पृष्ठभूमि के, कोई बोलने को तैयार नहीं

तीनों आरोपी सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से संबंध रखते हैं। अमर सिंह के पिता पब्लिक हेल्थ विभाग से पंप ऑपरेटर के पद से सेवानिवृत्त हैं। घटना के बाद परिवार का कोई सदस्य मीडिया से बात करने को तैयार नहीं है।

पुलिस को नहीं है जानकारी

भूना के युवकों के पकड़े जाने के संबंध में स्थानीय पुलिस से छत्तीसगढ़ पुलिस ने अभी तक संपर्क नहीं किया है। भूना थाना प्रभारी ओमप्रकाश का कहना है कि मीडिया से ही जानकारी मिली है, लेकिन कोई सूचना नहीं है।
-

जानकारों के लगातार आ रहे हैं फोन

हिसार। नरेंद्र के परिजनों के पास लगातार जानकारों के फोन आ रहे हैं। फोन करने वाले पूछ रहे हैं कि यह कब और कैसे हो गया। परिजन जानकारों से यही कह रहे हैं कि उन्हें भी मामले के बारे में अभी पता चला है।


ग्रामीणों को नहीं हो रहा विश्वास

हिसार। नाम न छापने की शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि हमें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि नरेंद्र इस तरह का अपराध करेगा। नरेंद्र पढ़ाई में काफी अच्छा रहा है। इसके अलावा पर्वतारोहण में उसने गांव, जिले, प्रदेश व देश का नाम रोशन किया है। उसका परिवार एक समृद्ध परिवार है। ग्रामीणों का कहना है कि अब पुलिस जांच में ही सच्चाई सामने आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें