फतेहाबाद। अगर आपको आपातकाल में एंबुलेंस सेवा चाहिए तो डायल 112 पर कॉल करनी होगी। एक ही नंबर पर अब पुलिस के साथ-साथ एंबुलेंस सेवा मिलेगी। जिले की सभी 25 एंबुलेंस को डायल 112 से जोड़ दिया गया है।
करीब एक साल पहले ट्रायल के तौर पर पांच एंबुलेंस को जोड़ा गया था लेकिन अब मंगलवार से यानि एक अक्तूबर से पूरी तरह से डायल 112 पर ही एंबुलेंस सेवा मिलेगी। एंबुलेंस चालकों को ट्रेनिंग के साथ-साथ एडीटी यानि मोबाइल डाटा टर्मिनल दिए गए हैं। ये टेबलेट चालक को जहां से कॉल आई है उसकी लोकेशन देगी। पूरा सिस्टम ऑनलाइन रहेगा। एमडीटी हर 30 सेकेंड बाद अपनी लोकेशन को अपडेट करेगा। एंबुलेंस कंट्रोल रूम में रोजाना जिले में 80 से 100 तक कॉल होती है और कई बार ये संख्या बढ़ भी जाती है।
डायल 108 भी फिलहाल रहेगा जारी
एंबुलेंस सेवा को बेशक डायल 112 से जोड़ दिया गया है लेकिन डायल 108 भी फिलहाल जारी रहेगा। आपातकाल में अगर किसी को 112 के बारे में जानकारी नहीं है तो वह 108 नंबर पर कॉल करके भी एंबुलेंस सेवा फिलहाल ले सकेगा। लोगों के जागरूक होने के बाद इसे हटाया जाएगा।
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ऐसे काम करेगा डायल 112
एंबुलेंस कंट्रोल रूम के अधिकारियों की माने तो अगर किसी व्यक्ति को एंबुलेंस सेवा चाहिए तो वह डायल 112 पर कॉल करेगा। ये कॉल मुख्यालय में जाएगी और इसके बाद वहां पर मौजूद अधिकारी कॉल करने वाले व्यक्ति और नजदीक एंबुलेंस की लोकेशन को ट्रेस करेंगे। जो भी नजदीक होगा उस एंबुलेंस के मोबाइल डाटा टर्मिनल पर अलर्ट भेजा जाएगा। टर्मिनल पर कॉल करने वाले व्यक्ति की लोकेशन जाएगी। उस लोकेशन पर एंबुलेंस पहुंचेगी और संबंधित को सेवा मुहैया करवाई जाएगी।
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जिले के अस्पतालों में ये एंबुलेंस की स्थिति :
अस्पताल एंबुलेंस संख्या
जिला नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 5
नागरिक अस्पताल टोहाना 3
उप नागरिक अस्पताल रतिया 2
सीएचसी भट्टूकलां 1
सीएचसी बड़ोपल 1
सीएचसी जाखल 1
सीएचसी भूना 1
पीएचसी बनगांव 1
पीएचसी पीलीमंदोरी 1
पीएचसी खैरातीखेड़ा 1
पीएचसी मामुपुर 1
पीएचसी म्योंदकलां 1
पीएचसी कुलां 1
पीएचसी पिरथला 1
पीएचसी नहला 1
पीएचसी अहरवां 1
पीएचसी नागपुर 1
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चालकों और ईएमटी की स्थिति
एंबुलेंस पर चालक - 67
एंबुलेंस पर ईएमटी - 33
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समय पर एंबुलेंस सेवा देना रहेगा चुनौती
एंबुलेंस को लेकर स्थिति ये है कि इसके कंट्रोल को लेकर नागरिक अस्पताल में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कंट्रोल रूम में कॉल आने पर यहां पर तैनात कर्मचारी नजदीक की एंबुलेंस को मौके पर भेजते हैं। कर्मचारियों को अनुभव रहता है कि मौकास्थल पर कौन सी एंबुलेंस जल्द पहुंच सकती है। लेकिन डायल 112 शुरू होने के बाद पूरा कंट्रोल मुख्यालय से रहेगा। मुख्यालय ने ऑनलाइन जीपीएस सिस्टम से संबंधित जगह पर एंबुलेंस को भेजेंगे।
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डायल 112 से जिले की सभी एंबुलेंस को जोड़ दिया गया है। अब एक ही नंबर पर नागरिक को आपातकाल सुविधा मिलेगी। प्रत्येक एंबुलेंस पर मोबाइल डाटा टर्मिनल सिस्टम दिया गया है। जिससे पूरा कंट्रोल रहेगा।
- कुलदीप सिंह, फ्लीट मैनेजर, एंबुलेंस सेवा, स्वास्थ्य विभाग