रतिया। राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान पर पिछले 3 महीनों से चल रही मास्टर प्रीमियर लीग का समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में अजंता वारियर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए धमीजा लायंस को 116 रनों पराजित किया। इस जीत के साथ ही अजंता वारियर्स पूरी प्रतियोगिता में अजेय रहते हुए चैंपियन बनी और मास्टर प्रीमियर लीग कप पर कब्जा जमाया।
फाइनल मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अजंता वारियर्स की शुरुआत दमदार रही। ओपनर हिमांशु ने 46 रन और बुग्गी चौहान ने 28 रन का योगदान दिया। इसके बाद दुष्यंत खटीक ने 86 रनों की पारी खेलकर टीम के स्कोर को निर्धारित ओवरों में 208 रन तक पहुंचाया। 209 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी धमीजा लायंस की टीम अजंता वारियर्स के गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सकी।
अजंता वारियर्स के गेंदबाज दीपांशु रहेजा और बुग्गी चौहान ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3-3 विकेट चटकाए। इसी के चलते धमीजा लायंस की पूरी टीम महज 92 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। इससे पहले तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में सुखीजा चैलेंजर ने जीवा टाइगर को 73 रनों से पराजित किया। सुखीजा चैलेंजर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 216 रनों का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में जीवा टाइगर की टीम 19.4 ओवरों में 143 रनों पर ही सिमट गई। प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि अग्रवाल सभा के अध्यक्ष प्रमोद बंसल ने विजेता टीम अजंता वारियर्स को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।
प्रतियोगिता में प्लेयर ऑफ द मैच (फाइनल) : दुष्यंत खटीक को चुना गया। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज का खिताब हिमांशु झंडई और मैन ऑफ द सीरीज ननी और सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक का खिलाफ बूटा को मिला। इसके साथ ही उपविजेता टीम धमीजा लायंस को भी रनर-अप ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। मैच में केवल डीपी और मेजर छिन्ना जल्लोपुर अंपायर बने जबकि स्कोरिंग की जिम्मेदारी सौरभ जिंदल ने संभाली। जग्गी मुस्सेवाला, अमन अरोड़ा और अवतार शर्मा ने अपनी शानदार कमेंट्री की।
इस मौके पर रतिया टीचर ट्रस्ट के प्रधान हरप्रीत भुल्लर एवं उप-प्रधान अमन अरोड़ा ने मास्टर प्रीमियर लीग के सफल आयोजन के लिए कमेटी के सभी सदस्यों को सम्मानित किया। इस अवसर पर आयोजन समिति के सदस्य मनमोहन खोखर, मोनू सैनी, सौरव जिंदल, रॉबिन सुखीजा, गोल्डी जिओ, सतीश पटवारी, रिम्पी मार्डे, लवदीप मान, मोहन सैनी और अमरजीत चौहान आदि मौजूद रहे।