फतेहाबाद। जिले में टीबी मरीजों की पहचान अब गांव स्तर पर ही संभव होगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिले को एआई आधारित पोर्टेबल एक्सरे मशीन उपलब्ध कराई है। इससे ग्रामीणों को शहर नहीं आना पड़ेगा और मौके पर ही जांच के साथ तुरंत रिपोर्ट मिल सकेगी।
मशीन के संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय में चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी दी गई। इसकी कार्यप्रणाली समझने के लिए डॉक्टरों ने स्वयं पर टेस्टिंग भी की, ताकि तकनीकी बारीकियां स्पष्ट हो सकें। फिलहाल मशीन का सॉफ्टवेयर अपडेट होना बाकी है। अपडेट पूरा होते ही मार्च माह में इसे औपचारिक रूप से जारी किया जाएगा।
इस नई सुविधा से ग्रामीणों को कई तरह की राहत मिलेगी। एक्सरे जांच के लिए उन्हें अब शहर तक यात्रा नहीं करनी पड़ेगी और 300 से 400 रुपये तक का खर्च भी बचेगा। गांव में ही शिविरों के दौरान जांच हो सकेगी, इससे उनके समय की बचत होगी। वहीं संदिग्ध मरीजों की जल्दी पहचान संभव होगी।
जिले में पहले भी एक एक्सरे मशीन उपलब्ध है, लेकिन शिविरों में अधिक संख्या आने से जांच प्रक्रिया प्रभावित होती थी। नई पोर्टेबल मशीन जुड़ने से काम की गति बढ़ेगी और टीबी नियंत्रण अभियान को मजबूती मिलेगी।
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पीएचसी स्तर पर लगाए जा रहे हैं शिविर
जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पीएचसी स्तर पर गांवों में टीबी मरीजों की पहचान के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। 15-15 दिन एक-एक पीएचसी स्तर पर विभाग शिविर लगा रहे हैं। जांच के दौरान जो लोग टीबी ग्रस्त मिल रहे हैं विभाग उनका तुरंत उपचार की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।
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वर्ष 2025 में टीबी की स्क्रीनिंग और उपचार की स्थिति
लोगों की टीबी की हुई स्कीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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टीबी के लक्षण
दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
बुखार आना, संक्रमण बढ़ने के साथ ही बढ़ना
थकावट होना
वजन कम होना
सांस लेने में दिक्कत होना
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टीबी बीमारी के अगर किसी में लक्षण है तो वह जांच जरूर करवाएं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गांवों में कैंप लगाकर जांच की जा रही है। पोर्टेबल एक्सरे मशीन मिली है, इससे गांव में ही आसानी से जांच की जा सकती है। इससे मरीजों को फायदा मिलेगा।
-डॉ. बुधराम, सिविल सर्जन