सफेद मक्खी की मार से पिटे किसानों को अब सरकार की लेट-लतीफी मार रही है। पंचायत चुनावों की आचार संहिता के चलते पहले से दो माह की देरी से चल मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया एक बार फिर से लटक सकती है। दरअसल पंचायत चुनावों से फारिग होने के बाद अब प्रदेश सरकार का पूरा ध्यान मार्च में होने वाली इन्वेस्टर्स मीट हैपनिंग हरियाणा में लगा हुआ है।
मई में नगर परिषद चुनावों को संभावित माना जा रहा है। अगर मई में चुनाव होते हैं तो इसके लिए नोटिफिकेशन मार्च के अंतिम सप्ताह अथवा अप्रैल के प्रथम सप्ताह में करनी होगी। ऐसी स्थिति में सफेद मक्खी से प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण एक बार फिर से आचार संहिता की आंच में लटक सकता है। हालांकि, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ कह चुके हैं कि मुआवजा वितरण में लगभग 500 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
सीएम ने विधानसभा के पटल पर किया था एलान
प्रदेश भर में नरमे की फसल पर सफेद मक्खी के प्रकोप की खबरों के बाद सीएम मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा के पटल पर सफेद मक्खी प्रभावित फसल की गिरदावरी का एलान किया था। साथ ही उन्होंने कृषि और राजस्व विभाग को ये निर्देश दिए थे कि 30 सितंबर तक हर हाल में गिरदावरी की रिपोर्ट उनके पास पहुंच जाए। लेकिन अधिकारियों की ढिलाई के चलते ये रिपोर्ट बार-बार लटकती रही। इस बीच पंचायत चुनावों की घोषणा के कारण प्रदेश में आचार संहिता लग गई, जिसके कारण प्रदेश सरकार ने मुआवजा नहीं बांटा।
जिले में 79 हजार हेक्टेयर भूमि की फसल हुई थी प्रभावित
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, फतेहाबाद जिले में कुल 79 हजार 185 हेक्टेयर भूमि पर नरमे की फसल बीजी गई थी। बरसात ना होने के कारण सफेद मक्खी का प्रकोप लगातार बढ़ता गया। बाद में कृषि विभाग ने अपने स्तर पर जो रिपोर्ट तैयार की थी, उसमें विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि जिले में सफेद मक्खी का प्रकोप बिलो ईटीएल (इकनोमिक ट्रैशहोल्ड लेवल) को पार कर गया था।
सफेद मक्खी के प्रकोप के चलते फसलों की दुर्दशा से किसान इस कदर हतोत्साहित हो चुके थे कि दरियापुर, गोरखपुर, कुम्हारिया, बैजलपुर, समैण व भट्टू के कई गांवों में किसानों ने फसलों पर ट्रैक्टर चलाकर उखाड़ दी थी।
विभाग की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार कितने प्रतिशत नुकसान
25 फीसदी से कम नुकसान वाला एरिया : 65553 हेक्टेयर
26 से 50 फीसदी नुकसान वाला एरिया : 12087 हेक्टेयर
51 से 75 फीसदी नुकसान वाला एरिया : 1126
75 से ऊपर नुकसान वाला एरिया : 419 हेक्टेयर
मार्च में हैपनिंग हरियाणा, मई में निकाय चुनाव संभावित
प्रदेश सरकार अपने गठन के लगभग डेढ़ साल बाद प्रदेश में निवेशकों का बड़ा सम्मेलन आयोजित कर रही है। इस सम्मेलन को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके चलते सूबे के मुख्यमंत्री खट्टर हाल ही विदेश दौरे पर जाकर आए हैं। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली, गुड़गांव, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में रोड शो भी किए हैं।
इन दौरों में उन्होंने बड़े-बड़े निवेशकों से वन-टू-वन बात कर उन्हें प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया था। इसके अलावा मई माह में निकाय चुनाव की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए अप्रैल माह से नोटिफिकेशन जारी हो सकती है। इसी कारण सफेद मक्खी प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण में देरी हो सकती है।
अभी तक सफेद मक्खी से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे के लिए कोई आदेश नहीं आए हैं। बहुत जल्द शायद इसके लिए बजट निर्धारण होने की संभावना जरूर है। लेकिन ये नहीं कहा जा सकता कि कब तक मुआवजा किसानों को मिल जाएगा।
कश्मीर सिंह, सदर कानूनगो
मुआवजे पर फैसला प्रदेश सरकार को लेना है। हमारे पास जब मुआवजे का पैसा आ जाएगा, हम तुरंत बांट देंगे। आज मैं बाहर हूं। बुधवार सायं तक ऐसे कोई आदेश नहीं आए थे।
विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद
प्रदेश सरकार लगातार इस मामले में ढिलाई बरत रही है और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अगर जल्द ही प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो उनमें आक्रोश फैलना स्वाभाविक है।
कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया, किसान नेता, फतेहाबाद