फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे दिन भी नहलावासियों ने किया प्रदर्शन

Tue, 09 Feb 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव नहला में नव निर्वाचित सरपंच नीलम देवी के शिक्षा प्रमाण पत्र के नामांकन दस्तावेजों से तबदील हो जाने के मामले को लेकर मंगलवार को दूसरे दिन भी नहला के लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा नहला के दबंग लोगों का साथ देकर पैसा हड़पने का भी आरोप लगाया है। बीडीपीओ मीटिंग में होने के कारण नहला के लोग विरोध प्रदर्शन करके चंडीगढ़ को कूच कर गए। जहां से वे मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सहकारिता मंत्री तथा सांसद राजकुमार सैनी से मिलने का कार्यक्रम तय करके रवाना हुए। प्रदर्शनकारी आशुतोष शर्मा, टेकचंद, पवन कुमार, काला राम, रामधारी, कृष्ण कुमार, बलजीत सिंह, जिले सिंह, कर्मचंद, सुरेश कुमार, बजीर सिंह, अनूप सिंह, सुभाष चंद, साधुराम, वजिन्द्र सिंह, धर्मबीर सिंह, राजेश कुमार, सुरजीत सिंह आदि लोगों ने आरोप लगाया है कि नहला की नव निर्वाचित सरपंच की शिक्षा प्रमाण पत्र फर्जी होने का शक शुरू से ही हो गया था। जिसको लेकर लगातार नजर रखी जा रही थी। उन्होंने बताया कि नहला के सरपंच पक्ष के लोग काफी प्रभावशाली हैं तथा प्रशासनिक स्तर पर दबाव बनाकर एवं लालच देकर नीलम देवी के शिक्षा प्रमाण पत्र को उचित ठहराने के प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग समुदाय से अधिक होने के कारण उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। लोगों ने विरोध प्रदर्शन के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खटर, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, सहकारिता मंत्री कृष्ण बेदी एवं सांसद राजकुमार सैनी से मिलने के लिए रवाना हो गए। जहां अपने साथ हुए अन्याय के बारे में लिखित ज्ञापन सौंपकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
विज्ञापन


क्या है घटनाक्रम  
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सोमवार को उन्हें आरटीआई संबंधित दस्तावेज देने के लिए बुलाया गया था। लेकिन जैसे ही खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी रविन्द्र कुमार दलाल ने नीलम देवी की शिक्षा प्रमाण पत्र की प्रति दिखाई तो नहला के लोग भड़क गए। क्योंकि नामांकन के दौरान नीलम देवी ने 8वीं कक्षा गुरुनानक एकेडमी रतिया से वर्ष 2004-05 में पास दर्शाया था। लेकिन सोमवार को दिखाई गई अंक तालिका में पासिंग वर्ष 2006-07 लगी हुई पाई गई तो लोग भड़क गए। लोगों का आरोप था कि नीलम देवी ने फर्जी तरीके से उपरोक्त अंक तालिका हासिल की थी। लेकिन जल्दबाजी में स्कूल ने 2004-05 की अंक तालिका चुनावों के दौरान दे दी थी। लोगों ने आरोप लगाया है कि उस शैक्षणिक स्तर के दौरान यह एकेडमी मान्यता प्राप्त नहीं थी। इसलिए आरटीआई लगने के बाद पुन: अंक तालिका को तबदील किया गया है। हालांकि बीडीपीओ नहला वासियों के आरोपों को सिरे से ही खारिज कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें