फतेहाबाद। शहर के औद्योगिक क्षेत्र में सफाई के बाद खुले में कचरा जलाए जाने के मामले में नगर परिषद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए एजेंसी को पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उक्त कार्रवाई एनजीटी के आदेशों की पालना न करने पर की गई है। बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई थी। इसमें औद्योगिक क्षेत्र में खुले में कचरा जलता हुआ दिखाया गया था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कर्मचारी सफाई के बाद प्लॉट में कचरा एकत्रित करते हैं और फिर यहीं आग लगा दी जाती है। एक या दो जगह नहीं बल्कि कई स्थानों पर आग लगाई जाती है इससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है। वहीं वायु प्रदूषण भी होता है।
हरे चारे की हटाई गई दुकान :
जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई ने बुधवार को शहर में सफाई को लेकर निरीक्षण किया था। इस दौरान डीएमसी को शहर में बेसहारा पशु मिले। इसके अलावा अवैध रूप से बीघड़ रोड पर हरे चारे की दुकानें भी मिलीं थी। डीएमसी ने संबंधित दुकानदार को हटाने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को न हटाए जाने के बाद दोपहर को नगर परिषद टीम ने मौके से दुकान को हटवा दिया।
एक साल बाद नगर परिषद को मिला सीएसआई :
नगर परिषद करीब एक साल बाद मुख्य सफाई निरीक्षक मिल गया है। वीरवार को सतपाल सैनी ने सीएसआई के पद पर कार्यभार संभाल लिया। वीरवार को सचिव गोबिंद, सीएसआई सतपाल सैनी और एसआई महेश कुमार, राहुल ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया।
वर्जन :
स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर वीरवार को सफाई दरोगा की बैठक ली गई है। सफाई दरोगा को निर्देश दिए गए हैं कि लोगों से फीडबैक को लेकर अपील करें।
- सतपाल सैनी, सीएसआई, नगर परिषद