फतेहाबाद। मुंशीवाला माइनर सोमवार सुबह गांव ढाणी ठोबा और मल्हड़ के बीच टूट गई। माइनर के टूटने से करीब 150 एकड़ जमीन में पानी भर गया और फसलें डूब गईं।
वहीं, लगातार हो रहे रिसाव और टूट-फूट के कारण अयाल्की माइनर पर निर्भर कई गांवों की सिंचाई व्यवस्था चरमरा गई है। प्रभावित गांवों में ढाणी ठोबा, खान मोहम्मद, ढाणी बिंजा लांबा, बरोटा, अहरवां, दौलतपुर और हिजरावांखुर्द शामिल हैं।
सिंचाई विभाग के कर्मचारी और अधिकारी जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से तटबंधों की मरम्मत में जुटे हैं। किसानों ने बताया कि 9 जून को माइनर में पानी छोड़ा गया था, लेकिन 20 जून को यह पहली बार टूटी। इसके बाद महज दस दिनों में पांच बार टूट चुकी है। हर बार माइनर टूटने से खेतों में पानी भर रहा है, जिससे खाल टूटने और फसलों को नुकसान हो रहा है।
मुंशीवाला माइनर रंगोई नाले के ऊपर से होकर गुजरती है। विभाग ने नाले की जलधारण क्षमता बढ़ाने के लिए माइनर के नीचे साइफन का निर्माण करवाया है, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया। अधूरे निर्माण के चलते माइनर पानी के दबाव को नहीं झेल पा रही है। किसानों ने सिंचाई विभाग से माइनर के तटबंधों को स्थायी रूप से मजबूत करने की मांग की है, ताकि बार-बार टूटने की समस्या से निजात मिल सके और सिंचाई व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
बाढ़ प्रबंधन के लिए उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार मुंशीवाला माइनर की आरडी 61600 पर बाढ़ के पानी की निकासी के लिए साइफन का निर्माण कराया गया है। साइफन का काम अभी पूरा ही हुआ था, लेकिन मजबूरन माइनर में पानी छोड़ना पड़ा। इससे माइनर टूटी है। पानी आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
- नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग जल संसाधन विभाग, फतेहाबाद।