फतेहाबाद। गांव ढाबी कलां में लगातार दो बार कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित हुई ग्राम सभा की बैठक तीसरे प्रयास में सफल रही। 20 प्रतिशत कोरम की अनिवार्य शर्त को पूरा करते हुए लगभग 650 ग्रामीणों ने बैठक में हिस्सा लिया। इसकी अध्यक्षता सरपंच बलवंत जाखड़ ने की।
बैठक में गांव में विकास कार्यों और सेम की समस्या के बारे में चर्चा हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव के मुख्य जोहड़ की बदहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीण भजनलाल, कृष्ण और रविंद्र आदि का कहना है कि जोहड़ की सही ढंग से खोदाई न होने के कारण इसकी जल भंडारण क्षमता खत्म हो चुकी है।
ग्रामीणों को कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है जब जोहड़ का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर गलियों और घरों में घुस जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि जोहड़ की खोदाई करवाई जाए और इसके चारों ओर मजबूत चहारदीवारी का निर्माण किया जाए ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।
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स्कूल का रास्ता बंद, छात्रों की बढ़ी मुश्किलें
जोहड़ में जलग्रहण की क्षमता कम होने के कारण गांव के सरकारी स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। जोहड़ का पानी स्कूल के मुख्य रास्ते पर जमा होने के कारण वह पूरी तरह बंद हो चुका है। वर्तमान में स्थिति यह है कि बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए मुख्य रास्ते के बजाय दो किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। लंबे समय से इस समस्या की शिकायत की जा रही है, लेकिन समाधान न होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही हैं।
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मनरेगा और सेम की समस्या मजदूरों की पुकार
विकास कार्यों के साथ-साथ बैठक में रोजगार का मुद्दा भी छाया रहा। मनरेगा मजदूरों ने ग्राम सभा में पहुंचकर काम न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। मजदूर सुनीता, बिना, रामकुमार और निहाल सिंह आदि ने कहा कि क्षेत्र में सेम की गंभीर समस्या के कारण खेतों में पानी भरा रहता है। इसकी वजह से मनरेगा के तहत होने वाले मिट्टी के कार्य ठप पड़े हैं। वहीं सेम की समस्या होने के कारण खेती प्रभावित है। खरीफ की फसल की पैदावार नहीं हो रही है। इससे मजदूरों को खेतों में काम नहीं काम नहीं मिल पा रहा है।
बैठक में पारित सभी प्रस्तावों को उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा। जोहड़ की सफाई और स्कूल के रास्ते को दुरुस्त करना पंचायत की सूची आगे भेज दी जाएगी है।
-दिनेश, ग्राम सचिव।