फतेहाबाद। जिले में लंबे समय से उप जिला शिक्षा अधिकारी के खाली पड़े पदों पर नियुक्ति होने से राहत मिली है लेकिन इसके साथ खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) के पद खाली होने से झटका भी लगा है। जिले में नियुक्त 6 बीईओ में से 4 को पदोन्नत कर दिया गया है।
उक्त अधिकारियों की पदोन्नति होने के चलते बीईओ के पद खाली हो गए हैं। अब इन पदों पर वरिष्ठ प्रिंसिपलों को अतिरिक्त कार्यभार दिया जाएगा। नए सत्र के दौरान अधिकारियों के पद खाली होने से प्रबंधन पर असर पड़ेगा।
खंड फतेहाबाद के बीईओ महेंद्र सिंह और खंड टोहाना के बीईओ रामरत्तन को हिसार डिप्टी डीईओ, खंड रतिया की बीईओ अनीता बाई व खंड भूना के बीईओ नरेंद्र कुमार को पदोन्नत करके उप जिला शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद लगाया गया है। सोमवार को नरेंद्र कुमार और अनीता बाई ने उप जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यभार संभाल लिया।
डीईईओ, डीपीसी के पद पहले खाली
जिले में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना संयोजक, डाइट प्रिंसिपल के पद खाली हैं। इन पदों का अतिरिक्त कार्यभार भी जिला शिक्षा अधिकारी पर है। नए सत्र में दाखिलों व निजी स्कूलों पर निगरानी के लिए अधिकारी ही नहीं हैं।
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127 स्कूलों को नोटिस, आवेदन नहीं कर पाए विद्यार्थी
निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत कक्षा नर्सरी और और पहली में 25 फीसदी खाली सीटों की जानकारी न देने पर जिले के 127 निजी स्कूलों को जिला शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को नोटिस जारी किया था। पोर्टल पर सीटों की जानकारी न होने के कारण विद्यार्थी इन स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन भी नहीं कर पाए। सोमवार को आवेदन का आखिरी दिन था। आरटीई के तहत निजी स्कूलों को एक किलोमीटर क्षेत्र में शर्तों के साथ कक्षा नर्सरी या फिर पहली में 25 फीसदी सीटों पर दाखिला देना होता है। इसके चलते शिक्षा विभाग ने पोर्टल पर स्कूलों से खाली सीटों की जानकारी मांगी थी। लेकिन जिले के 127 स्कूलों ने ये जानकारी नहीं दी। जिले में करीब 251 निजी स्कूल हैं। बताया जा रहा है कि 22 अप्रैल के बाद नोटिस का जवाब न देने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
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टोहाना के सबसे ज्यादा स्कूलों को नोटिस
शिक्षा विभाग ने खंड टोहाना के सबसे ज्यादा स्कूलों को नोटिस जारी किए हैं। खंड जाखल के 10, रतिया के 19, भट्टू के 8, भूना के 13, फतेहाबाद के 38, टोहाना के 39 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है।