भूना। नगर पालिका की चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा कार्यालय में हाजिरी रजिस्टर चेक करते हुए। संवाद
- फोटो : प्रेमानंद महाराज के लिये दंडवत यात्रा पर निकला भक्त बृजेश
भूना। नगर पालिका में चेयरपर्सन अर्पणा पसरीजा और अधिकारियों के बीच जारी अंदरूनी खींचतान शुक्रवार को खुलकर सामने आई। सुबह करीब 9:15 बजे चेयरपर्सन ने पालिका कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ कमरों में कुर्सियां खाली पाई गईं, जिससे उन्होंने नगर पालिका सचिव दीपक कुमार और दो अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
चेयरपर्सन ने कहा कि उन्हें लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति न रहने की शिकायतें मिल रही थीं। उसी के चलते वे अचानक जांच के लिए कार्यालय पहुंचीं। निरीक्षण के समय नगर सचिव दीपक कुमार, डाटा ऑपरेटर भूप सिंह और माली निखिल कुमार मौजूद नहीं थे। हालांकि जेई और अन्य कर्मचारी बाद में पहुंचे।
दूसरी ओर सचिव दीपक कुमार ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वे सुबह से उपायुक्त डॉ. विवेक भारती की अध्यक्षता में आयोजित बैठकों में शामिल थे, जिसमें समाधान शिविर की साप्ताहिक बैठक, चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, रोड सेफ्टी बैठक और जिला लोकसभा व जन परिवाद समिति की बैठक शामिल थी। डाटा ऑपरेटर भूप सिंह पूर्व स्वीकृत अवकाश पर थे, जबकि माली निखिल कुमार थोड़ी देर से कार्यालय पहुंचे।
11 फरवरी को भी उपायुक्त ने नगर पालिका का निरीक्षण किया था। उस दौरान चेयरपर्सन प्रतिनिधि मास्टर पंकज पसरीजा ने अधिकारियों पर आरोप लगाए और सस्पेंड करने की चेतावनी दी थी। पालिका अधिकारियों का कहना है कि पिछले चार दिनों में 11 गलियों में इंटरलॉक लगाने और करीब एक करोड़ रुपये से तालाब की खुदाई व सफाई के टेंडर जारी किए जा चुके हैं। विवाद को विकास कार्यों की बजाय अंदरूनी झगड़े से जोड़कर देखा जा रहा है।