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डेंगू के बाद अब स्वाइन फ्लू का खतरा, 45 और 75 एमजी कैप्सूल और सिरप दवाइयों की भेजी डिमांड

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फतेहाबाद। पहले डेंगू और अब ठंड शुरू होने के साथ ही स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके खतरे को देखते हुए अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की ओपीडी शुरू करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा विभाग ने मुख्यालय को दवाइयों की डिमांड भी भेज दी है।
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दवाइयां आने के बाद स्वास्थ्य विभाग फील्ड में वितरित करेगा
पिछले 6 सालों में जिले में स्वाइन फ्लू के करीब 73 केस मिल चुके हैं। खतरे को देखते हुए विभाग ने मुख्यालय को टेमीफ्लू दवाई के 75 एमजी के 800 और 45 एमजी के 600 कैप्सूलों की मांग भेजी है। इसके अलावा 110 सिरप मांगे गए हैं। अधिकारियों की माने तो कोरोना महामारी के बीच स्वाइन फ्लू के लक्षण गंभीर हो सकते है।
जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति :
वर्ष स्वाइन फ्लू के केस मिले
2015 2
2016 6
2017 20
2018 18
2019 26
2020 1
2021 0
स्वाइन फ्लू के लक्षण
खांसी आना
गले में दर्द या खराश
सांस लेने में तकलीफ
शरीर में दर्द
उल्टी व दस्त आना
स्वाइन फ्लू को लेकर बरतनी होगी सावधानी
जब भी बाहर से आएं तो हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं।
खांसी आने पर मुंह पर रुमाल रखें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें।
पानी खूब पीएं और पौष्टिक भोजन खाएं।
सार्वजनिक स्थान पर थूकने से बचें।
हाथ मिलाने से बचें।
बिना डॉक्टर से पूछे कोई दवा न खाएं।
यदि स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण हैं तो क्या करें :
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के मुताबिक बुखार, सांस लेने में दिक्कत, त्वचा या जीभ का नीला पड़ना, बलगम में खून आना, बच्चों में चिड़चिड़ापन, तरल पदार्थ का न लेना और फीड न ले रहा तो तुरंत पास के सरकारी अस्पताल या डिस्पेंसरी में संपर्क करना चाहिए। यदि डॉक्टर सलाह देते हैं तो घर पर रही रहें, बाहर जाने से बचें। बच्चों को स्कूल न भेजें। बच्चों को घर के बाकी सदस्यों से दूर रखें। लक्षण शुरू होने के सात दिन तक लोगों से दूर रहें। जब तक पूरे लक्षण खत्म नहीं होते, उसके 24 घंटे बाद ही लोगों से मिलें
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श्रेणी सी में पड़ती है जांच की जरूरत :
स्वाइन फ्लू को अलग-अलग श्रेणी में बांटा गया है। ए और बी में मरीज को सिर्फ दवाइयां देनी पड़ती हैं और जांच की भी जरूरत नहीं होती है। श्रेणी सी में गंभीर मरीज शामिल हैं। जिन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत है, इन मरीजों के टेस्ट करवाए जाते हैं।
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स्वाइन फ्लू को लेकर तैयारियां चल रही हैं और अब इसका खतरा है। दवाइयों की डिमांड भेज दी गई है। अस्पतालों में ओपीडी भी शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
- डॉ. हनुमान, उप सिविल सर्जन
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