मीटिंग में एसपी ने बैंक अधिकारियों को लताड़ लगाने के साथ सख्त दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने बैंक अधिकारियों को ग्राउंड लेवल पर सुरक्षा पुख्ता करने के निदेश दिए।
पुलिस लाइन में सुबह 11 बजे शुरू होने वाली मीटिंग सुबह साढ़े 12 बजे शुरू हुई। शुरूआत में एसपी ओपी नरवाल टोहाना की घटना को लेकर बैंक अधिकारियों पर भड़क उठे।
उन्होंने कहा कि जब एटीएम में 12 लाख रुपये पहले से थे तो उसमें 7 लाख कैश और क्यों डाला गया। बैंक अधिकारियों ने यह भी माना कि घटना वाले एटीएम को ज्यादातर स्कूल टीचर ही प्रयोग में लेते हैं।
एसपी ने सवाल किया कि जब स्कूलों में छुट्टियां चल रही इसके बावजूद इतना कैश एटीएम में रखा गया। ऊपर से सीसीटीवी कैमरे तक काम नहीं कर रहे। एटीएम शहर से पांच किलोमीटर बाहर है।
बैठक में कोई भी अधिकारी इसका जवाब नहीं दे पाया। एसपी ने कहा एटीएम में हाई क्वालिटी के कैमरे लगाए जाएं।
एटीएम में क्यों नहीं लगाए जाते हैं सायरन
एसपी ने बैंक अधिकारियों से सुझाव मांगे कि क्या एटीएम में सायरन नहीं लग सकता। जिसमें उससे छेड़छाड़ होने पर वह बज उठे। इस पर बैंक अधिकारियों ने कहा कि बैंक के अंदर तो सायरन लगे हुए हैं।
एटीएम में सायरन के बारे में उच्च अधिकारियों से बात होने के बाद ही कुछ कह सकते हैं।
एटीएम के चारों ओर दीवार बनाने का सुझाव
एसपी ने कहा कि एटीएम के चारों तरफ ग्रिल लगवाएं। अगर बदमाश वारदात करता है तो उसे पहले ग्रिल काटनी पड़ेगी। जिसमें समय लगेगा और वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सकेगा।
इस पर बैंक अधिकारियों ने अलग-अलग सुझाव दिए लेकिन बात एटीएम के मॉडल पर आकर रुक गई। आखिर में एसपी ने कहा कि एटीएम को चार इंच दीवार में कैद करवाना कैसा रहेगा। इस पर एसपी ने बैंक अधिकारियों को विचार करने के लिए भी कहा।
शाम में कैश निकालकर थाने में जमा करवाएं, सुबह वापस डाल दें
एसपी ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि आउटर में लगे एटीएम मशीनों से शाम को कैश निकालकर थानों में जमा करवा दें और सुबह वापस डाल दें।
इससे पहले एसपी ने बैंक अधिकारियों से आउटर में कैश कम डालने की सलाह दी लेकिन बैंक अधिकारी आरबीआई की गाइडलाइन का हवाला देकर चुप हो गए।
52 एटीएम में गार्ड ही नहीं है, कैसे होगी सुरक्षा
मीटिंग में इस बात का खुलासा हुआ कि जिले में 99 बैंक और 102 एटीएम हैं। जिनमें 6 एटीएम में सीसीटीवी कैमरे और 52 में गार्ड ही नहीं है।
एसपी ने बैंक अधिकारियों को कहा कि एटीएम में 24 घंटे गार्ड होना चाहिए। दिन के समय तो गार्ड होते हैं जबकि रात में गायब हो जाते हैं, जब जरूरी है। बैंक अधिकारी बोले कि उनके पास पॉवर नहीं है और गाइडलाइन ही ऐसी है।
बैंक के काम में ही व्यस्त रहते हैं गार्ड : एएसपी
एएसपी गंगाराम पूनियां ने कहा कि आमतौर पर जब एटीएम पर कैश निकलवाने के लिए जाते हैं तो वहां मौजूद गार्ड बैंक के काम में मस्त रहते हैं। कोई चाय ला रहा होता है तो कोई फार्म भरने में मस्त होता है। बैंक अधिकारी इस पर विशेष फोकस रखें।