फतेहाबाद। भट्टूकलां खंड में गांवों में सेम की समस्या को दूर करने के लिए अब कृषि विभाग के मृदा एवं लवणता जांच विभाग ने गांव पीलीमंदोरी का भी टेंडर जारी कर दिया है। यहां पर सेम के पानी को निकालने के लिए 3 करोड़ 81 लाख रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। इससे गांव के करीब 10 हजार एकड़ के रकबे को फायदा होगा।
जानकारी के अनुसार, भट्टूकलां क्षेत्र के अनेक गांव सेम की समस्या से पिछले लंबे समय से जुझ रहे हैं। इन गांवों में पानी का चौवा 2 से 4 फुट तक आ गया है। ऐसे में यहां पर जमीन खेती लायक नहीं रह गई है। जो जमीन खेती लायक है, वहां पर भी बारिश के दिनों में पानी भर जाता है और कई दिनों तक खेतों में पानी जमा रहता है, जिस कारण किसानों की फसल खराब हो रही है। इसी को लेकर अब कृषि विभाग की मृदा एवं लवणता जांच विंग ने पहले भट्टू कलां क्षेत्र के 8 गांवों ठुईयां, ढाबीकलां, भट्टूकलां, गदली, शेखुपुर दड़ौली, बनमंदोरी, ढाबीखुर्द व रामसरा को सेम मुक्त करने के लिए 22 करोड़ 75 लाख रुपये के टेंडर लगाए थे।
जिले के बड़े गांवों में शुमार है पीलीमंदोरी, रकबा लगभग 10 हजार एकड़
जिले के बड़े गांवों में शुमार भट्टूकलां क्षेत्र के गांव पीलीमंदोरी को भी अब कृषि विभाग की मृदा एवं लवणता जांच विंग ने इसमें शामिल कर लिया है। पीलीमंदोरी में सेम की सबसे अधिक समस्या है। इसके लिए 3 करोड़ 81 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। यहां पर वर्टिकल ड्रेनेज सिस्टम के आधार पर सेम के पानी को निकालकर नहरों में डाला जाएगा। इससे गांव की करीब 10 हजार एकड़ जमीन को फायदा होगा।
कोट
भट्टूकलां क्षेत्र में पहले 8 गांवों को सेममुक्त करने के लिए पौने 23 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए थे। अब गांव पीलीमंदोरी का भी टेंडर लगाया गया है। गांव के खेतों सेम का पानी निकालने के लिए 3 करोड़ 81 लाख रुपये का टेंडर लगा है।
-बिजेंद्र सिंह, कृषि मृदा एवं लवणता संरक्षण अधिकारी, फतेहाबाद