कोरोना काल में प्रशासन ने ऐसे बच्चों की तलाश करने के निर्देश दिए हैं, जो बेसहारा या अनाथ हो चुके हैं। फिलहाल कोरोना से अनाथ कोई बच्चा नहीं मिला। मगर दो बच्चे ऐसे मिले हैं, जो बेसहारा थे। बताया गया है कि एक बच्चे का पिता पहले से गायब था। कुछ समय पहले उसकी मां आपराधिक केस में जेल चली गई। इसी तरह दूसरे बच्चे को भी उसके माता-पिता का प्यार नहीं मिला। दोनों बच्चे टोहाना के रहने वाले हैं। उन्हें हिसार के बाल गृह में भेज दिया गया है। बाल कल्याण समिति की ओर से अभी भी ऐसे बच्चों की तलाश जारी है, जो कोरोना काल में अनाथ हो गए। ऐसे बच्चों को संक्रमण से बचाना है। वहीं उनका शोषण रोकना भी मुख्य लक्ष्य है। बाल संरक्षण अधिकारी सुरजीत बाजिया ने बताया कि इसके लिए इश्तहार आदि छपाए गए हैं और वितरित किए जा रहे हैं। अभी तलाश जारी है।
बगैर प्रक्रिया के गोद लेना अपराध
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनाथ या बेसहारा बच्चा केवल कानूनी प्रक्रिया द्वारा ही गोद लिया जा सकता है। सीधे तौर पर कोई गोद नहीं ले सकता। ऐसा गोदनामा अवैध माना जाएगा। कानूनी रूप से बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट सीएआरए डॉट एनआइसी डॉट आइएन पर लॉगिन करना होगा। पंजीकरण के बाद इस प्रक्रिया को पूरी करने के लिए सभी जरूरी दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करना होगा। दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड होने के बाद आवेदन के घर की होम स्टडी की जाएगी और वह भी पोर्टल पर अपलोड होगी। इसके बाद बच्चे को गोद देने की बाकी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
गोदनामे के लिए अनिवार्य दस्तावेज
पहचान प्रमाण पत्र
भारतीय होने का प्रमाण पत्र
विवाह प्रमाण पत्र
परिवार की तस्वीर
आय का प्रमाण पत्र
स्थायी रिहायश प्रमाण पत्र
जारी किए हेल्पलाइन नंबर
अनाथ या बेसहारा होने का फायदा उठाकर बच्चे को नुकसान न पहुंचाए और उसका कोई शोषण न करे, इसलिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हुए हैं। उसकी सूचना जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुंडू (मोबाइल 7015689440), बाल संरक्षण अधिकारी सुरजीत बाजिया (7015000913), बाल संरक्षण इकाई/बाल कल्याण समिति के दूरभाष नंबर 01667-222606, पुलिस विभाग के हेल्पलाइन नंबर 100 अथवा महिला एवं बाल विभाग विभाग हरियाणा द्वारा जारी दूरभाष नम्बर 01722741151, 2571151 पर दे सकते हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर भी सूचना दे सकते हैं।
कोट
महामारी के दौर में किसी भी कारण से अनाथ और बेसहारा हुए बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। सीधे तौर पर अनाथ बच्चों को गोद देना या लेना गैर कानूनी है और यह एक दंडनीय अपराध है। आमजन से अपील है कि ऐसे बच्चों के बारे में सूचना दें।
-अंकिता वर्मा, नगराधीश, फतेहाबाद।