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नशा धीमा जहर, इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़नी होगी लड़ाई : डीएसपी जयपाल

Sat, 09 Nov 2024 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के गांधी विद्या मंदिर स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में विद्
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फतेहाबाद। मिनी बाईपास पर स्थित गांधी विद्या मंदिर स्कूल में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम करवाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव, ट्रैफिक नियमों की जानकारी और साइबर क्राइम से बचाव को लेकर जागरूक किया गया।
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मुख्य अतिथि डीएसपी मुख्यालय जयपाल सिंह रहे जबकि अध्यक्षता प्रिंसिपल सुशील शर्मा व वाइस प्रिंसिपल मोनिका शर्मा ने की। डीएसपी जयपाल सिंह ने कहा कि नशा एक धीमा जहर है, जो अंत में हमें मौत के मुंह में लेकर जाता है। नशा स्वस्थ इंसान को अंदर से खोखला कर कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर देता है। नशा एक बुरी लत है, जो स्वयं के साथ समाज में भी बुराई फैलाने का काम कर रहा है। हम सबको एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी और समाज में फैली इस बीमारी को दूर करने के लिए जागरूकता लानी होगी। इस दौरान ट्रैफिक एसआई धर्मचंद, एएसआई गोबिंद, ईएसआई सुंदर मुसाफिर, एएसआई कश्मीर सिंह, पुलिस प्रवक्ता विनोद कुमार समेत स्कूल स्टाफ व विद्यार्थी मौजूद रहे।

किसी को भी ओटीपी या पासवर्ड न बताएं : एएसआई गोबिंद
एएसआई गोबिंद थाना साइबर क्राइम थाना ने कहा कि कहा कि आज के समय साइबर अपराध चरम पर है और आए दिन नए-नए तरीकों से लोगों को ठगा जा रहा है। किसी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी या पासवर्ड न दें। इन्हें रोकने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। सभी को समझना होगा कि साइबर अपराध करने वाले लोग बड़े ही चालाक किस्म के हैं, जिनसे सभी को बचना होगा। जिला फतेहाबाद में साइबर क्राइम थाना, साइबर सैल और साइबर हेल्प डेस्क गठित है, जो लगातार इस दिशा में काम रही है।
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ट्रैफिक नियम बताकर बच्चे भी बन सकते हैं शिक्षक
ट्रैफिक थाना के एसआई धर्मचंद ने कहा विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि लापरवाही के कारण रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की सड़क दुर्घटना में मौत हो रही या फिर कोमा में जा रहे हैं। विद्यार्थी जब तक 18 साल के नहीं हो जाते हैं और ड्राइविंग लाइसेंस नियम अनुसार नहीं बन जाता है तब तक वाहन नहीं चला सकते हैं। विद्यार्थी भी अपने माता-पिता या दूसरे के शिक्षक बन सकते है। अगर वह बिना हेलमेट दुपहिया वाहन लेकर जा रहे हैं तो उन्हें पहले लगाने के लिए जागरूक करें। इसी तरह से गाड़ी में सफर कर रहे हैं तो खुद सीट बेल्ट लगाकर उन्हें जागरूक कर सकते हैं।
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नशे के खिलाफ विद्यार्थियों को जागरूक करना और ट्रैफिक नियमों के बारे में बताना सराहनीय कदम है। विद्यार्थी की नींव कमजोर होती है अगर वह गलत संगत में चला जाता है तो। नशे से उसका भविष्य खराब हो जाएगा। ऐसे में उन्हें इन बुराइयों के खिलाफ जागरूक करना जरूरी है।
- सुशील शर्मा, प्रिंसिपल, गांधी विद्या मंदिर स्कूल।
- कार्यक्रम के दौरान समाज में फैले नशे को खत्म करने और मोबाइल फोन का प्रयोग करते समय क्या-क्या सावधानियां रखनी चाहिए की जानकारी दी गई है। हमारे जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी बातों के बारे में यहां पर पता चला।
-चैतन्य, छात्र
- कार्यक्रम में ड्राइविंग करते समय यातायात नियमों का पालन करने की जानकारी दी गई है। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाने के फायदों के बारे में बताया गया।
-अविनाश, छात्र
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साइबर क्राइम टीम द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी दी है कि किसी अंजान को ओटीपी या पासवर्ड न बताएं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अंजान मित्र बनाने से बचने के बारे में बताया गया। ये हमें विश्वास में लेकर धोखाधड़ी कर सकते हैं।
-कनिष्का, छात्रा

हमें समाज में फैले नशे और अन्य बुराइयों को दूर करने का प्रयास करना होगा। कार्यक्रम में परिवार और लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने के प्रति जागरूक करने और अपने लक्ष्य की तरफ ध्यान देने के प्रति जानकारी मिली।
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-तमन्ना, छात्रा
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