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सीएम की वीसी में चुनिंदा संस्थाओं को बुलाने का आरोप

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अनाजमंडी शैड के नीचे बैठक करते समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि । - फोटो : Fatehabad
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कोरोना के चलते लॉकडाउन शहर में जरूरतमंद लोगों तक राशन एवं अन्य सुविधाएं पहुंचा रही समाजसेवी संस्थाओं व जिला प्रशासन के बीच दरार पड़ गई है। समाजसेवी संस्थाओं ने राशन बांटने को लेकर प्रशासन के साथ किसी भी प्रकार का संपर्क रखने से इंकार कर दिया है। समाजसेवी संस्थाओं का आरोप है कि सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ प्रस्तावित वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी चहेती संस्थाओं के प्रतिनिधियों को बुला लिया जबकि धरातल पर लॉकडाउन के पहले दिन से काम कर रही संस्थाओं के प्रतिनिधियों को वीसी के बारे में बताया तक नहीं। इसके बाद सभी समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अनाजमंडी शैड के नीचे प्रशासन के खिलाफ बैठक भी की। इस बारे में बात करने के लिए जब तहसीलदार विजय मेहता से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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सबसे अधिक लोगों को खाना पहुंचा रही श्रीश्याम वेलफेयर सोसाइटी ने ब ंद किया काम
फतेहाबाद शहर की बात की जाए तो श्रीश्याम वेलफेयर सोसाइटी प्रतिदिन शहर एवं इसके आसपास तकरीबन 15 सौ लोगों तक खाना पहुंचा रही है। इसके अलावा ये सोसाइटी प्रतिदिन बेसहारा पशुओं के लिए चारा एवं शहर को सैनिटाइज करने का काम भी कर रही थी। लेकिन सोमवार को प्रशासन के रवैये से क्षुब्ध सोसाइटी के अध्यक्ष विजय सहारन ने घोषणा कर दी है कि मंगलवार से उनकी संस्था जरूरतमंदों तक खाना नहीं पहुंचा सकेगी। हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि उनकी संस्था बेसहारा पशुओं तक हरे चारे व पानी की सेवा जारी रखेगी।
इन संस्थाओं के प्रतिनिधि प्रशासन के खिलाफ हुई बैठक में हुए शामिल
जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री की वीसी में ना बुलाने जाने पर नाराज हुई संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अनाजमंडी शैड के नीचे बैठक कर आगामी रणनीति बनाई। इस बैठक में श्री वैष्णो देवी पिंडी मंदिर, रोटरी क्लब फतेहाबाद, पार्षद प्रतिनिधि सोनू कुक्कड़, समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद सुभाष पपीया, सतबीर तरड़ आदि शामिल रहे। इन संस्थाओं के प्रतिनिधि पूरे फतेहाबाद शहर में तकरीबन 85 फीसदी से अधिक जरूरतमंद लोगों को राशन पहुंचाते हैं। पार्षद प्रतिनिधि सोनू कुक्कड़ का कहना था कि वो पहले भी 14 अप्रैल तक ही लंगर जारी रखने वाले थे, लेकिन प्रशासन के इस रवैये के बाद तो उनका मन और पक्का हो गया है। हालांकि वो सैनिटाइजर आदि की सेवा अभी भी अपने स्तर पर ही जारी रखेंगे
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इन 21 संस्थाओं के प्रतिनिधियों को मिला प्रशासन का न्यौता
सोमवार को मुख्यमंत्री से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिन संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशासन की ओर से बुलावा भेजा गया है। उनमें भूना से गुलशन, प्रणामी समिति रतिया, दुर्गा मंडल कमेटी, श्रीराम कमेटी रतिया, लायंस क्लब रतिया, रोटी क्लब रतिया, भारत विकास परिषद रतिया, सतगुरु कृपा अपना घर, सेवा भारती, शाश्वात्मा सेवा ट्रस्ट, फ्रेंड्स ऑफ नेचर फाउंडेशन, भारत विकास परिषद फतेहाबाद, बेटी संस्था, श्रीराम शरणम जाखल, लायंस क्लब जाखल, मानव सेवा संगम टोहाना, लाल छाजू राम पहाड़िया मेमोरियल ट्रस्ट टोहाना, बाला जी लंगर सेवा समिति टोहाना, कृष्ण रोटी बैंक, राधा स्वामी सत्संग ब्यास, निखिल रोटी क्लब फतेहाबाद शामिल हैं।
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‘मुझे अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैं फिलहाल फसल खरीद मामले के लिए मंडियों के निरीक्षण पर हूं।’ -संजय बिश्रोई, एसडीएम फतेहाबाद ।
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