फतेहाबाद के गांव भूथनकलां में शनिवार सुबह रक्षाबंधन के दिन गांव के जोहड़ में डूबने से व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक दो बहनों का भाई था। व्यक्ति भैंस के कटड़े को निकालने के लिए अंदर गया था और डूब गया। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद गांव के युवाओं ने बाहर निकाला। लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी। जोहड़ व्यक्ति के घर के सामने ही बना हुआ है। सूचना पाकर फायर ब्रिगेड और डायल 112 की गाड़ी लेकर भी कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
मामले के मुताबिक गांव भूथनकलां निवासी सुरेंद्र कुमार (42) का भूथन कलां में हसंगा रोड पर घर है। घर के सामने ही जोहड़ बना हुआ है। वह सुबह भैंसों को तालाब में नहलाने के लिए लेकर गया था। शनिवार सुबह करीब 10 बजकर 40 मिनट पर भैंस के कटड़े को निकालने के लिए जोहड़ में उतर गया।
लोगों ने रोका लेकिन भैंस के बार-बार आवाज देने पर उतर गया
जोहड़ में कटड़ा के चले जाने के बाद भैंस आवाज देने लगी। ये देखकर सुरेंद्र से रहा नहीं किया गया और जोहड़ के बीच में चला गया। किनारे के पास ही बैठे दो लोगों ने उसे ज्यादा अंदर जाने से मना भी किया, मगर वह नहीं माना। बताया जा रहा है कि कुछ देर तक उसका हाथ ऊपर दिखा लेकिन बाद में दिखना बंद हो गया। ये देखकर तालाब किनारे बैठे दोनों लोगों ने शोर मचाया। इस पर आसपास से और ग्रामीण पहुंचे। करीब 15-20 ग्रामीणों ने जोहड़ में उतरकर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया। ढूंढने में कुछ देर लग गई। तब तक सुरेंद्र कुमार ने पानी में दम तोड़ दिया। डेढ़ घंटे बाद उसका शव बाहर निकाला जा सका।
रक्षाबंधन पर बुआ आई हुई थी
सरपंच राजकुमार ने बताया कि सुरेंद्र कुमार की दो बहनें भी हैं। मगर वह पहले आकर चली गई थी। अब रक्षाबंधन के दिन ही घर पर गांव चौबारा से उसकी बुआ रामप्यारी आई हुई थी। सुरेंद्र पर ही पूरे घर की जिम्मेदारी थी। भाइयों की पहले मौत हो चुकी है। सुरेंद्र विवाहित था लेकिन फिलहाल बच्चे नहीं थे।