जगजीत की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो इंचार्ज अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम ने 50 हजार रुपये के नोटों पर केमिकल लगाकर शिकायतकर्ता को दिया। जैसे ही बिचौलिए क्रितपाल ने पैसे लिए, एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को टोहाना शहर थाना के बाहर जाल बिछाकर एक बिचौलिए को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उकलाना क्षेत्र के गांव कलर भैणी निवासी क्रितपाल के रूप में हुई है।
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क्या है पूरा मामला
11 दिसंबर 2025 को टोहाना पुलिस ने 7 ग्राम हेरोइन के साथ एक आरोपी को पकड़ा था, जिसमें बिठमड़ा निवासी जगजीत सिंह का नाम भी आरोपी के रूप में शामिल किया गया था। आरोपी बिचौलिया क्रितपाल ने जगजीत से एनडीपीएस मामले से उसका नाम कटवाने के एवज में 5 लाख रुपये की डील की थी।
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पहले दिए जा चुके थे 4.5 लाख
शिकायतकर्ता जगजीत के अनुसार, बिचौलिया उससे 4.5 लाख रुपये पहले ही ले चुका था और बाकी के 50 हजार रुपये शुक्रवार को टोहाना थाना के बाहर मांगे गए थे।
केमिकल लगे नोट देकर भेजा
जगजीत की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो इंचार्ज अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम ने 50 हजार रुपये के नोटों पर केमिकल लगाकर शिकायतकर्ता को दिया। जैसे ही बिचौलिए क्रितपाल ने पैसे लिए, एंटी करप्शन ब्यूरो टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
थाना प्रभारी से पूछताछ और तलाशी
पूछताछ के दौरान बिचौलिए ने दावा किया कि यह रकम टोहाना शहर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के नाम पर ली जा रही थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने थाना प्रभारी कुलदीप सिंह से पूछताछ की तथा उनके कार्यालय और सरकारी गाड़ी की गहनता से तलाशी ली। थाना प्रभारी के पास से कोई नकदी बरामद नहीं हुई। जांच के बाद आरोपों में सत्यता न मिलने पर देर रात लगभग 1 बजे थाना प्रभारी को छोड़ दिया गया।