रतिया में जांच के दौरान विजिलेंस टीम को बयान दर्ज करने के लिए पहुंचे शिकायतकर्ता। संवाद
रतिया। नगर पालिका में 2022 में प्रधानमंत्री आवास योजना में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए मंगलवार दोपहर सत्यवान के नेतृत्व में एसीबी की टीम नगर पालिका कार्यालय पहुंची। टीम ने योजना से संबंधित सभी रिकॉर्ड की जांच की और कुछ शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज किए।
वर्ष 2022 में रतिया नगर पालिका में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई लाभार्थियों के आवास लोन पास किए गए थे। बाद में कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री कार्यालय और एसीबी को शिकायत भेजी, जिसमें आरोप लगाया गया कि नगर पालिका के कुछ कर्मचारी और पार्षद लाभार्थियों से 1 लाख से डेढ़ लाख रुपये तक रिश्वत वसूल करते थे। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए विजिलेंस को निर्देश दिए।
जांच के दौरान एसीबी टीम ने पाया कि योजना के कुछ कर्मचारियों के साथ-साथ नगर पालिका के कर्मचारी और पार्षद लाभार्थियों से करोड़ों रुपए की रिश्वत ले चुके थे। इसके आधार पर 2022 में आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। मंगलवार को जांच अधिकारी सत्यवान की टीम ने नगर पालिका कार्यालय में योजना से संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की।
मौके पर पहुंचे कुछ शिकायतकर्ताओं ने भी रिश्वत और भ्रष्टाचार से जुड़े बयान दर्ज कराए। अब तक जांच में कुल दस लोगों के बयान लिए जा चुके हैं। एसीबी ने बताया कि जांच निष्पक्ष और पूरी तरह से दस्तावेजों के आधार पर की जा रही है।