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बेसहारा पशुओं को पकड़ेगी प्राइवेट एजेंसी, गोशाला से पशु छुड़वाने पर मालिक भरना होगा 5100 जुर्माना

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शहर में घूम रहे बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर परिषद प्राइवेट एजेंसी को ठेका देने जा रही है। सड़क पर घूम रहे पशुओं को एजेंसी पकड़ेगी और इन्हें गोशाला व नंदीशाला में पहुंचाएगी। पशु पकड़ने से लेकर गोशाला में छोड़ने तक की पूरी जिम्मेदारी एजेंसी की ही होगी अगर पकड़े गए पशु को मालिक छुड़वाने आता है तो उसे 5100 रुपये जुर्माना भरना होगा। शहर में करीब इस समय ढाई हजार पशु घूम रहे हैं अगर टेंडर सिरे चढ़ता है तो लोगों को लाभ मिलेगा क्योंकि सड़कों पर घूम रहे पशुओं के कारण रोजाना छोटी बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। यह टेंडर नगर परिषद प्रशासन 4 दिसंबर को खोलेगा।
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टेंडर को लेकर नगर परिषद ने शर्तें भी जारी की है। इन्हीं शर्तों के मुताबिक नप ठेकेदार को टेंडर जारी करेगा। सबसे अहम शर्त यह है कि पशुओं को पकड़ने के लिए नप ने खुद का कोई रेट नहीं दिया है, एजेंसी खुद कम से कम रेट देगी। यानी एजेंसी खुद बताएगी कि कितने रुपये में गाय, नंदी और बछिया को पकड़ेगी। जिस एजेंसी का सबसे कम रेट होगा, नप प्रशासन उसी को टेंडर जारी करेगा।
पशु पकड़ने से लेकर छोड़ने तक की करनी होगी वीडियोग्राफी
जिस भी चयनित एजेंसी को टेंडर जारी होता है उसे पशु पकड़ने से लेकर गोशाला में छोड़ने तक की वीडियोग्राफी करनी होगी। पशुओं को पकड़ने के लिए एजेंसी को ही कर्मचारियों की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि, अगर जरूरत पड़ी तो एजेंसी को पुलिस सुरक्षा मुहैया करवाने में नप प्रशासन मदद कर सकेगा।
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कागजों में जिला लावारिस पशु मुक्त, सड़कों पर ढाई हजार पशु : कागजों में जिला लावारिस पशु मुक्त है जबकि हकीकत यह है कि सड़कों पर लावारिस पशु घूम रहे हैं और कई लोगों की जान भी ले चुके हैं। दो साल में जिले में 40 लोग जान गवां चुके हैं। पिछले दिनों पानीपत के पीपी कपूर ने प्रदेश के सभी जिलों से सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत बेसहारा पशुओं के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके तहत पशुपालन विभाग एवं डायरी ने दावा किया है कि जिला फतेहाबाद में स्ट्रे कैटल फ्री अभियान पूरा कर लिया गया है।
पशुपालन विभाग का दावा, पंजाब व राजस्थान से आ रहे पशु : वहीं पशुपालन विभाग का यह भी दावा है कि समीपवर्ती जिला होने के कारण राजस्थान और पंजाब से बेसहारा पशु आ रहे हैं जिन्हें समय-समय पर पकड़ा भी जा रहा है। एक अप्रैल 2017 से 13 जुलाई 2020 तक 28227 बेसहारा पशु पकड़े जा चुके हैं। जिन्हें जिले की 60 गोशालाओं और नंदीशाला में रखा गया है। पशुपालन विभाग के अनुसार 60 गोशाला और नंदीशाला में 34855 पशुओं को रखा गया है।
बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। शर्तों के मुताबिक टेंडर खोला जाएगा। शहर में पशुओं को लेकर कोई समस्या नहीं रहने दी जाएगी। - समवर्तक सिंह, जिला नगर आयुक्त, फतेहाबाद।
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