फतेहाबाद। डेंगू का जिले में एक नया केस मिला है। भूना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक रोहतक पीजीआई में दवाई लेने गया तो जांच के दौरान डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। सिविल सर्जन कार्यालय ने रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में सर्वे शुरू करवाया है। जिले में डेंगू के अब तक चार के मिले हैं। हालांकि जिले में स्थिति नियंत्रण में है।
स्वास्थ्य विभाग प्रशासन अब जलभराव क्षेत्रों में सर्वे बढ़ाएगा। यहां पर बीमारी फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। विभाग जलभराव वाले क्षेत्रों में दवाई का छिड़काव करवाएगा।
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डेंगू आशंकित की भी देनी होगी जानकारी
निजी अस्पतालों को डेंगू आशंकित मरीजों की जानकारी सिविल सर्जन कार्यालय को देनी होगी और संबंधित मरीज का सैंपल भी जांच के लिए भेजना होगा। जिला नागरिक अस्पताल में ही एलाइजा जांच की सुविधा है। निजी अस्पताल के लिए डेंगू टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 600 रुपये तय कर रखे हैं, इससे ज्यादा राशि नहीं ली जा सकती है। अगर कार्ड टेस्ट में पॉजिटव आता है तो एलाइजा करवाना जरूरी है।
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जानें....किस वर्ष कितने डेंगू रोगी मिले :
वर्ष रोगी
2015 189
2016 38
2017 419
2018 56
2019 29
2020 35
2021 993
2022 154
2023 89
2024 129
2025 04 (अभी तक)
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इन सात लक्षणों से पहचानें डेंगू
सिर दर्द होना।
मन का मिचलाना।
उल्टी होना।
मांस पेशियों और जोड़ों में दर्द।
आंखों के पीछे दर्द होना।
मांसपेशियों में दर्द होना।
त्वचा पर लाल चकते होना।
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इन बातों का रखें ध्यान
- बिना चिकित्सक के परामर्श के कोई दवा न लें।
- घरों के अंदर, आसपास गड्डों में सात दिन से अधिक पानी न भरने न दें।
- पुराना सामान जैसे टायर, टयूब, खाली-डिब्बे, पॉलीथिन के लिफाफे खुल में न फेंके।
- हैंड पंप व नल के आसपास पानी न भरने दें।
- घरों के आसपास गड्ढों में मिट्टी भरवा दें।
-कूलर, होदी या अन्य पानी से भरे हुए बर्तन सप्ताह में एक बार जरूर खाली करें।
- शरीर को ढक्कर रखें तथा मच्छर रोधी दवा या क्रीम व कीटनाशक दवाई से उपचारित- मच्छरदानी का उपयोग करें एवं पूरी बाजू के वस्त्र पहनें।
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जिले में स्थिति नियंत्रण में है। डोर टू डोर टीमें सर्वे भी कर रही है। ढेंगू से बचाव के लिए लोगों का जागरूक होना जरूरी है। अपने घरों के आसपास पानी इक्ट्ठा न होने दें।
- डॉ.विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम अधिकारी