भूना। शहर के तालाबों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वीरवार को वार्ड नंबर-10 स्थित गैर मुमकिन जोहड़ के खसरा नंबर 853 की करीब 22 एकड़ भूमि की दूसरे चरण की निशानदेही के दौरान बड़े पैमाने पर अतिक्रमण सामने आए।
राजस्व विभाग की टीम ने आधुनिक डीजीपीएस मशीन की सहायता से सीमांकन करते हुए हिसार रोड स्थित जनता धर्मशाला एवं उससे जुड़ी दुकानों, विश्वकर्मा धर्मशाला, गुरु जंभेश्वर मंदिर परिसर की दुकानों तथा इंदिरा आवास कॉलोनी के पीछे बने 300 से अधिक मकानों को जोहड़ भूमि की सीमा में चिह्नित किया।
इसके अलावा मिनी बैंक क्षेत्र से हिसार रोड तक कई दुकानें और मकान भी तालाब की भूमि पर बने पाए गए हैं। दिनभर चली कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारियों ने संदिग्ध कब्जों वाले स्थानों पर लाल निशान लगाकर उन्हें चिह्नित किया।
राजस्व विभाग के कानूनगो सरदार करनैल सिंह, कानूनगो इंद्र सिंह और पटवारी सुरेंद्र सिंह ने नगर पालिका कर्मचारियों के सहयोग से सीमांकन कार्य पूरा किया। मौके पर नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता अरुण कुमार, लिपिक कृष्ण कुमार छिंपा, सुनील कुमार सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों के अनुसार खसरा नंबर 853 के लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्र की निशानदेही पूरी हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में कई धर्मशालाओं, होटलों, बैंक भवनों और दुकानदारों द्वारा पीछे की ओर निर्माण कर तालाब भूमि पर अतिक्रमण किए जाने के संकेत मिले हैं। वहीं हिसार रोड पर करीब दस दुकानों की स्वीकृत लंबाई और मौके पर बने निर्माण में भी अंतर पाया गया है।
राजस्व विभाग अब पूरे जोहड़ क्षेत्र का विस्तृत सीमांकन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके बाद अवैध कब्जों को हटाने संबंधी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार शहर के चार तालाबों की लगभग 82 एकड़ भूमि में से करीब 40 एकड़ पर अतिक्रमण होने की शिकायतें हैं, जिनकी जांच जारी है।
शहरवासियों ने कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि तालाबों पर कब्जों के कारण बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या बढ़ रही है। लोगों ने निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए उपायुक्त डॉ. विवेक भारती के निर्देशों की सराहना की।
इस संबंध में नगर पालिका के सचिव दीपक कुमार ने बताया कि शहर में तालाबों की जमीन पर कब्जा होने की लगातार शिकायत आ रही थी। शहर में वर्ष 2022 व 2025 में गंभीर जल भराव के संकट से निपटने के लिए माननीय डीसी के आदेश पर निशानदेही की जा रही है और कब्जा हटाए जाएंगे।