फतेहाबाद। शहर के पुराना बस स्टैंड के सामने चौक पर बुधवार दोपहर को एसबीपी डीएवी स्कूल बस के नीचे आने से डीसी कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय संजय की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी मधु बाल-बाल बच गई। दोनों दवाई लेने के लिए निजी अस्पताल जा रहे थे। संजय अनाज मंडी में चाय की दुकान चलाते थे।
हादसे के बाद हिसार-सिरसा रोड पर जाम लग गया। करीब 20 मिनट तक शव बस के नीचे फंसा रहा। मौके पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस और बस स्टैंड चौकी पुलिस ने बस को स्टार्ट करके शव को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बस ओवरस्पीड थी और रोड पार कर रहे व्यक्ति को चपेट में ले लिया। गनीमत ये रही कि बस में सवार बच्चों को चोटें नहीं आईं। हादसे के दौरान बस में करीब 50 बच्चे सवार थे। इन्हें बाद में पीछे से आ रही दूसरी बस में बैठाकर भेजा गया।
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चाय की दुकान से आजीविका चलाते थे संजय
डीसी कॉलोनी निवासी पीयूष ने बताया कि उसके पिता संजय के हाथ में चोट लगी हुई थी और हिसार रोड पर स्थित अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। बुधवार दोपहर वह दवाई लेने के लिए अस्पताल जा रहे थे। सड़क पार करने के दौरान हिसार रोड की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्कूल बस ने उन्हें टक्कर मार दी। इसके बाद चालक मौके से भाग गया।
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ठेके पर दी हुई है स्कूल बस
एसबीपी डीएवी स्कूल प्रिंसिपल सुनीता मदान ने बताया कि बस विद्यार्थियों को छोड़ने के लिए रतिया जा रही थी। बस स्कूल प्रबंधन ने अनुबंध पर ली हुई है। पता नहीं हादसा कैसे हुआ। जिस जगह पर हादसा हुआ है, वहां पर भीड़ रहती है और वाहन धीमी गति में रहता है।
बेटा और बेटी के सिर से उठा पिता का साया
चाय विक्रेता संजय उपचार के लिए अस्पताल जा रहे थे लेकिन तेज रफ्तार बस ने जिंदगी लील ली। संजय की पत्नी मधु ने बताया कि उसका 18 वर्षीय बेटा पीयूष और 14 वर्ष की बेटी नैना है। घर पर पति ही कमाने वाले थे। उनकी मौत से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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स्कूल की क्रूजर जब्त
आरटीए कार्यालय की ओर से बुधवार दोपहर को एक अन्य निजी स्कूल की क्रूजर गाड़ी जब्त की गई है। इस गाड़ी में बच्चों को ले जाया जा रहा था। आरटीए सचिव संजय बिश्नोई का कहना है कि टीम लगातार स्कूल बसों की जांच कर रही है। कमी पाए जाने पर कार्रवाई जारी रहेगी।