फतेहाबाद। पांच महीनों से थमा बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान फिर शुरू होगा। अब सरकार की ओर से व्यवस्था में बदलाव के बाद नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद है कि जल्द ही एक नई एजेंसी के हाथों में इस मुहिम की कमान होगी और शहर की सड़कों से खौफ का साया छंटेगा।
इससे पहले नगर परिषद की ओर से रेवाड़ी की एक कंपनी को दो बार दो वर्ष के लिए टेंडर दिया गया था। सरकार ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी हरियाणा गो-सेवा आयोग के माध्यम से गो-सेवा संघ को देने का निर्णय लिया था लेकिन बाद में प्रस्ताव रद्द कर दिया गया। नए आदेशों के तहत अब यह जिम्मेदारी पुनः नगर परिषदों को सौंपी गई है।
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करीब चार माह से बंद है पशुओं को पकड़ने का अभियान
इस साल के जनवरी माह में पशुओं को पकड़ने के लिए जब नगर परिषद की ओर से टेंडर लगाया गया था। इसके बाद सरकार की ओर से टेंडर को रद्द कर दिया गया था। बाद में सरकार की ओर से गो-सेवा आयोग को बेसहारा पशु पकड़ने की जिम्मेदारी देने की बात कही गई। गोसेवा संघ की ओर से आयोग के पास पशु पकड़ने के आए प्रस्ताव को सरकार ने रद्द कर दिया। एक बार फिर से अब सरकार ने पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंप दी है। नगर परिषद की ओर से बेसहारा पशुओं को पकड़वाने की प्रकिया शुरू कर दी है।
दो सालों में पकड़े करीब 1600 बेसहारा पशु
नगर परिषद रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2025-26 के दौरान शहर से करीब 900 बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया था। साल 2024-25 के अनुसार करीब 700 बेसहारा पशु पकड़े गए थे। दो सालों में नगर परिषद की ओर से करीब 1500 बेसहारा पशु पकड़े गए थे। नगर परिषद की ओर से साल 2024-25 के लिए रेवाड़ी की एजेंसी को एक पशु पकड़ने के लिए 900 रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बाद साल 2025-26 के लिए 1012 रुपये का भुगतान नगर परिषद की ओर से किया गया था।
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- बेसहारा पशुओं की चपेट में आने से हो चुकी हैं कई मौतें
रतिया में बीती 13 मई को पशु की चपेट में आने से 55 साल के अजीतसर निवासी करमजीत की मौत हो गई थी। करमजीत बस स्टैंड पर बाइक पर जा रहा था। करीब चार साल पहले फतेहाबाद के सिरसा रोड पर बाइक के आगे सांड़ आने से तीन दोस्तों की मौत हो गई थी।
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कुत्तों के ठेके पर फंसा पेच
नगर परिषद ने आवारा कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण और टीकाकरण के लिए पहले 982 रुपये प्रति में ठेका दिया था लेकिन अब एजेंसी ने 1342 रुपये प्रति कुत्ते के मांगे हैं लेकिन सरकार ने 800 रुपये रेट तय किया है। हालांकि कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर परिषद के पास ही रहेगी। इसके ठेके को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है।
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बेसहारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी नगर परिषद को दी गई है। इसके लिए सरकार की ओर आदेश प्राप्त हो चुके है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही एजेंसी का चयन कर पशु पकड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- महेश कुमार, एसआई, नगर परिषद, फतेहाबाद।