फतेहाबाद । मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना (2.0) के तहत जिले के तीन ग्राम पंचायतों मानवाली, झलनियां व खासा पठाना के 79 लाभार्थियों को मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्लेटफॉर्म के माध्यम से डीपीआरसी हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन ड्राॅ से प्लॉट आवंटित किए गए। हालांकि आयोजित कार्यक्रम में लाभार्थियों को सिर्फ प्लॉट के नंबर अलॉट किए गए।
लाभार्थियों को अब कुछ दिनों के बाद कब्जा प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके उपरांत प्रत्येक लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए 1,38,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपना घर बना सकें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक लाभार्थी को शौचालय निर्माण के लिए 12,000 रुपये अलग से दिए जाएंगे।
डीआरडीए एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि फतेहाबाद खंड के गांव झलनियां के कुल 38 लाभार्थियों को प्लॉट आवंटित किए गए। इनमें अनुसूचित जाति के 33, अन्य पिछड़ा वर्ग के 3 तथा सामान्य वर्ग के 2 लाभार्थी शामिल हैं। मानावाली गांव के 29 लाभार्थियों में से अनुसूचित जाति के 17, अन्य पिछड़ा वर्ग के 10 तथा सामान्य वर्ग के 2 लाभार्थियों को प्लॉट आवंटित किए गए हैं।
भूना खंड के गांव खासा पठाना के कुल 12 लाभार्थियों को भी प्लॉट दिए गए। इनमें अनुसूचित जाति के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग के एक तथा सामान्य वर्ग के एक लाभार्थी शामिल हैं।
कब्जे के लिए अभी करना होगा लाभार्थियों को इंतजार
मंगलवार को डीपीआरसी हॉल में आयोजित मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत कार्यक्रम में लाभार्थियों को प्लॉट के नंबर दिए गए है, लाभार्थियों को प्रशासन ने अभी तक कब्जा नहीं दिया है। करीब एक माह तक इन लोगों को प्लॉट के कब्जा प्रमाण पत्र जारी होंगे। उसके बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत उन्हें मकान बनाने के लिए राशि भी जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए आवेदन किया था, प्रशासन की ओर से प्लाॅट का नंबर अलॉट किया गया है। उनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। गांव में ही एक जगह पर प्लॉट काटे जा रहे है। जहां पर उनके परिवार को प्लॉट मिला है।
- कृष्णा देवी, लाभार्थी।
-
बीपीएल परिवार से हूं। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए आवेदन किया था, जिसके तहत प्रशासन की ओर से 100 गज का प्लॉट देने की बात कही है। सरपंच ने बताया कि करीब एक माह में उन्हें प्लॉट के कागज या कब्जा दिया जाएगा।
- रोहताश कुमार, लाभार्थी।