फतेहाबाद। नगर परिषद कार्यालय में वीरवार को बजट बैठक बुलाई गई। बजट बैठक में 27 में से 16 पार्षद ही पहुंचे और हंगामे के बीच 34.56 करोड़ का बजट पास कर दिया गया।
बैठक शुरू होते ही वार्ड एक से 7 तक बजट बिना बोले पास कर दिया गया, लेकिन जब वार्ड 8 के पार्षद चंद्रभान की बारी आई तो उन्होंने आवाज उठाते हुए कहा कि पिछले तीन साल से बजट को लेकर बेवकूफ बनाया जा रहा है। अशोक नगर के लिए कितना बजट मिला कितना खर्च हुआ बताया जाए। पोस्ट ग्रेजुएट होते हुए बजट को लेकर जीरो नॉलेज है। कम से कम तीन से चार दिन पहले बजट कॉपी देनी चाहिए। जिस पर चर्चा की जा सके। पार्षद चंद्रभान ने बजट कॉपी मेज पर फेंक के मारी। बैठक में पार्षद सुभाष नायक, पार्षद मोहन लाल नारंग और पार्षद राधा कुलडिय़ा ने भी हंगामा किया।
-
पार्षद राधा बोली, क्या नौटंकी चल रही है
बैठक में पार्षद राधा कुलड़िया ने प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची से हर माह बैठक न बुलाए जाने को लेकर सवाल-जवाब किए। राधा ने कहा कि आर्यभट्ट स्कूल वाली गली कई माह से टूटी पड़ी है। अधिकारी सुनवाई नहीं करते है, क्या नौटंकी चल रही है बताया जाए। अधिकारी खर्राटे मार रहे हैं।
-
पार्षद मोहन लाल नारंग ने बजट पर उठाए सवाल
पार्षद मोहन लाल नारंग ने बजट को लेकर सवाल उठाए। नारंग ने कहा कि कुत्तों के रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर प्रावधान है, कोई नोटिस नहीं दिए जा रहे हैं। नगर परिषद ने आवभगत पर 2.52 लाख रुपये खर्च किए हैं इसका ब्योरा दिया जाए। पानी और बिजली बिल का क्यों जिक्र नहीं है। क्या पानी का कनेक्शन अवैध है तो जनस्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए। गाडि़यों के पेट्रोल और डीजल पर 8 लाख रुपये खर्च कर दिए गए, इसका भी ब्योरा दिया जाए।
-
शौचालयों की सफाई पर 44.68 लाख खर्च का मुद्दा उठा
बैठक में पार्षदों ने नगर परिषद के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई पर 44.68 लाख रुपये खर्च होने के मुद्दे को उठाया। पार्षदों ने कहा कि जनवरी माह तक शौचालयों की सफाई पर 37 लाख खर्च कर दिए गए और मार्च के अंतिम माह तक 44.68 लाख खर्च दिखाए गए हैं। ये मिलीभगत से किया गया है। डोर टू डोर सफाई उठान पर 2023-24 में 1.88 करोड़ खर्च हुआ था लेकिन अब ये साढ़े तीन करोड़ खर्च बढ़ गया है। क्या सफाई अलग से हुई है।
-
कमाई और खर्च के बाद भी नगर परिषद के पास रहेगा 59 करोड़ बजट
नगर परिषद ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 34 करोड़ 56 लाख रुपये का बजट पास किया है। नगर परिषद ने बजट में 14 करोड़ 25 लाख रुपये एमसी फंड, 16 करोड़ 34 लाख एसएफसी फंड और सीएफसी फंड से 3 करोड़ 95 लाख का प्रावधान रखा है। पिछले वित्त वर्ष के बजट में से 59 करोड़ बकाया पड़ा है। यानी नगर परिषद के पास 93 करोड़ 85 लाख रुपये बजट हो जाएगा। इसमें नगर परिषद ने 34 करोड़ 21 लाख रुपये खर्च का अनुमान रखा है। इसके बाद अगले वित्त वर्ष के लिए 59 करोड़ 63 लाख रुपये नगर परिषद के पास खाते में बकाया रह जाएगा।
-
गृहकर में सिर्फ 25 फीसदी की रिकवरी
नगर परिषद ने पिछले वित्त वर्ष में 4 करोड़ गृहकर रिकवरी का अनुमान रखा था, लेकिन जनवरी तक 78 लाख ही रिकवरी हुई है। फरवरी और मार्च माह के लिए नगर परिषद ने 15 लाख गृहकर से आय का और अनुमान रखा है। अगले वित्त वर्ष के लिए फिर 4 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इसी तरह से दुकानों के किराये से आय 70 लाख बजट पास किया था लेकिन यह 44 लाख 36 हजार रुपये किराया है। वर्ष 2025-26 के बजट में किराये से आय कम की गई है। इस बार 40 लाख का बजट रखा गया है।
-
दुकानें बेचने से नगर परिषद को हुई कमाई
नगर परिषद ने बजट में दुकानें बेचने से आय का एक करोड़ का प्रावधान रखा था। यह 1 करोड़ 74 लाख रुपये कमाई हो चुकी है। हालांकि नगर परिषद ने नए वित्त वर्ष के लिए 1 करोड़ का प्रावधान रखा है। नगर परिषद को विकास शुल्क से 2 करोड़ 83 लाख रुपये कमाई हुई है। बजट में साढ़े तीन करोड़ का प्रावधान रखा गया था। अगले वित्त वर्ष के लिए भी साढ़े तीन करोड़ आय का अनुमान है। नगर परिषद को डोर टू डोर कचरा उठान से 6 लाख 70 हजार रुपये आय हुई है। अगले वित्त वर्ष के लिए भी पांच लाख का बजट रखा है।
-
फीस में घट गई आय
बजट में नगर परिषद ने विज्ञापन परमिशन, ट्रेड लाइसेंस, कम्युनिटी सेंटर समेत कई तरह की फीस से 28 लाख 75 हजार रुपये आय रखी थी लेकिन 45 लाख 28 हजार ही आय हुई है। नए वित्त वर्ष में 36 लाख का बजट फीस आय से रखा है।
-
नगर परिषद पूरे साल यहां करेगा खर्च
अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन पर खर्च पिछले वित्त वर्ष में 12.98 करोड़, नए वित्त वर्ष में अधिकारियों व कर्मचारियों की सैलरी पर खर्च अनुमान - 15.50 करोड़ रुपये
सफाई व्यवस्था पर पिछले वित्त वर्ष में हुआ खर्च - 4 करोड़ 37 लाख रुपये
नए वित्त वर्ष मं सफाई व्यवस्था पर खर्च अनुमान - 4 करोड़ 69 लाख रुपये
पिछले वित्त वर्ष में विकास कार्यों पर हुआ खर्च - 9 करोड़ 33 लाख रुपये
नए वित्त वर्ष में विकास कार्यों पर खर्च अनुमान - 11 करोड़ 12 लाख रुपये
- -
जब पार्षद बोली, बिना एमसी को बताए अधिकारी आए तो देख लेना :
बजट बैठक में पार्षद ज्योति मेहता ने कहा कि वार्ड में अधिकारी आते है और गली देखकर चले जाते है, पार्षदों को इसकी जानकारी नहीं होती है। ढाई साल बर्दाश्त कर लिया, अब ढाई साल ऐसा नहीं चलेगा।
-
ये पार्षद रहे बजट बैठक में मौजूद
बजट बैठक में प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची, उपप्रधान सविता टुटेजा, ईओ राजेंद्र सोनी, एमई नरेंद्र पंवार, लेखाकार नवीन भाटिया, पार्षद राजकुमार,निलांशी शर्मा, ज्योति मेहता, सुखदेव, सुभाष, अर्जुन कटारिया, किरण नारंग, राधा कुलडिय़ा, निर्मल सिवाच, मोहन लाल नारंग, रवि मेहता, मनोज भ्याणा समेत 16 पार्षद मौजूद रहे।