रतिया। करीब 50 हजार से अधिक आबादी वाले शहर का नागरिक अस्पताल डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से अपग्रेड कर इसे नागरिक अस्पताल का दर्जा दिया गया और बेड की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 कर दी गई लेकिन चिकित्सकीय स्टाफ की कमी जस की तस बनी हुई है।
अस्पताल में रोजाना लगभग 250 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जबकि महीने में करीब पांच हजार मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसके बावजूद दो वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों और 11 मेडिकल ऑफिसर की जगह केवल तीन डॉक्टर ही तैनात हैं। सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, हड्डी रोग, नेत्र रोग, दंत रोग और महिला रोग विशेषज्ञ सहित सभी विशेषज्ञ पद खाली पड़े हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में गंभीर मरीजों और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों को प्राथमिक उपचार के बाद फतेहाबाद या अग्रोहा रेफर करना पड़ता है। कई बार अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से डॉक्टर बुलाकर ओपीडी का संचालन किया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधाएं बढ़ाने के दावे तो किए जाते हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण आमजन को लाभ नहीं मिल पा रहा। इसी कारण बड़ी संख्या में मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख करने को मजबूर हैं।
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मोर्चरी है, लेकिन फॉरेंसिक विशेषज्ञ नहीं
अस्पताल परिसर में पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस बना हुआ है, लेकिन यहां फॉरेंसिक विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मेडिकल ऑफिसर को ही पोस्टमार्टम करने पड़ते हैं जिससे कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
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डॉक्टरों की कमी के कारण समस्याएं आ रही हैं। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए अन्य अस्पतालों से डॉक्टर बुलाकर व्यवस्था बनाई जा रही है।
- डॉ. जय सिंह मान, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।
क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इस मुद्दे को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा में भी रखा जाएगा।
- जरनैल सिंह, विधायक, कांग्रेस।
लोग बोले- डॉक्टरों की कमी से उपचार हो रहा प्रभावित
अस्पताल में आधुनिक भवन और कई सुविधाएं मौजूद हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। गंभीर मामलों में लोगों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है।
- धर्मपाल सनेजा
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सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती बेहद जरूरी है क्योंकि इनके बिना स्वास्थ्य सेवाएं अधूरी हैं। आम लोगों को सही इलाज के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ रहा है जो कि महंगा भी पड़ता है।
- इशू मेहता
शहर की आबादी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं उसी अनुपात में विकसित नहीं हुईं। इसी कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
- राहुल
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अस्पताल में डॉक्टरों की कमी लंबे समय से बनी हुई है जिसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक का अधिकार हैं और सरकार को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए।
- रमेश मेहता
नई स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना और विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति बहुत जरूरी है ताकि लोगों को शहर में ही बेहतर इलाज मिल सके और रेफर की समस्या समाप्त हो सके। स्वास्थ्य सेवाएं सभी का अधिकार है।
- सोनू ग्रोवर
नागरिक अस्पताल रतिया :संवाद